जेएनएन, बदायूं : आधुनिकता के चलते बीएस-6 के वाहनों को बाजार में लाया गया है। इससे पहले के बीएस-4 वाहनों को चलन से बाहर कर दिया गया है। कोर्ट के आदेश पर एआरटीओ कार्यालय की ओर से खरीदे गए बीएस-4 वाहनों के पंजीकरण का मौका दिया गया। जिसके लिए 11 जिलों के एआरटीओ को पत्र लिखने के साथ वाहन डीलर्स को फोन किया गया। 3974 में से 3759 वाहन स्वामियों ने पत्रावली व वाहन प्रस्तुत किए और पंजीकरण करा लिया लेकिन 215 वाहनों के स्वामी न तो खुद पहुंचे और न ही संपर्क किया। जिसके चलते उनके वाहनों का पंजीकरण नहीं हुआ। अब ऐसे वाहन कंडम माने जाएंगे। आवेदन करने वाले सभी 114 कमर्शियल वाहनों ने पंजीकरण करा लिया है।

लॉकडाउन शुरु होने के बाद उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में कार्य बंद हुआ तो विभाग के पास 3974 फाइलें मौजूद थीं। इसी बीच कोर्ट ने आदेश दिया कि 10 अप्रैल तक बीएस-4 वाहनों का पंजीकरण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। विभाग ने अस्थायी रजिस्ट्रेशन कराने पर संबंधित जिलों से लिखित में पत्र भेजकर संपर्क किया। साथ ही संबंधित वाहन स्वामियों का फोन नंबर तक लेकर वाहन व पत्रावली के साथ कार्यालय आने को कहा। बताया कि अगर वाहन नहीं लाएंगे तो उनका बीएस-4 वाहन का पंजीकरण नहीं हो पाएगा और वह कंडम माने जाएंगे। इसके बाद भी 215 लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया और वाहनों का पंजीकरण नहीं हो सका। बीएस-4 वाहनों के पंजीकरण के लिए 11 जिलों के एआरटीओ को पत्र लिखा गया था। वाहन स्वामी और डीलर्स को फोन भी कराया। इसके बाद भी 215 वाहन स्वामी न तो खुद आए और न ही वाहन या पत्रावली प्रस्तुत की जिसके चलते उनके वाहनों का पंजीकरण नहीं सका। ऐसे वाहन अब कंडम माने जाएंगे।

- एनसी शर्मा, एआरटीओ प्रशासन।

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