जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह व पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह शुक्रवार को दिन में 12.30 बजे फोर्स के साथ अचानक चंडेश्वर इटौरा स्थित मंडलीय कारागार धमक पड़े।

आलाधिकारियों के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान बैरकों की तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु तो नहीं मिली लेकिन गंभीर आपराधिक मामलों में निरुद्ध कैदी रिकू व राशिद से जेल प्रशासन द्वारा बाहर का कार्य कराया जा रहा था। जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक को नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त निर्देश दिया कि इन दोनों कैदियों को तन्हाई की बैरक में रखा जाए। दोबारा ऐसी शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति किए जाने की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने कैदियों के सामाजिक,बौद्धिक और आर्थिक विकास की बात पर जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि इन्हें नैतिक शिक्षा, कंप्यूटर और कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाना सुनिश्चित करें। लगभग एक घंटे के निरीक्षण के बाद जेल प्रशासन ने चैन की सांस ली। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी पंकज कुमार पांडेय सहित कई थानों की फोर्स रही।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस