जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : गैर जनपदों व प्रदेशों से लोगों के पलायन के कारण कोरोना वायरस के प्रसार की संभावना को दूर करने के लिए सरकार ने आन स्पाट क्वारंटाइन की व्यवस्था का फरमान तो जारी कर दिया लेकिन उसका कहीं पालन होता नहीं दिख रहा है। रोडवेज की बसें मंगलवार को भी रफ्तार भरती दिखीं। कैसरबाग डिपो की एक बस दिल्ली से मऊ और बलिया के यात्रियों को लेकर सुबह आठ बजे यहां पहुंची। यात्रियों को उतारकर बस अभी मुड़ने वाली थी कि आरएम की नजर पड़ गई और उन्होंने उसे रोककर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का निर्देश दिया।

लोगों ने अधिकारी से कहा कि सभी यात्रियों को एक ही रूट पर जाना है इसलिए अगर बलिया तक बस चली जाए तो सबकी समस्या का समाधान हो जाएगा। इस पर चालक और परिचालक ने कुछ देर विश्राम के बाद शाम को ले जाने की बात कही लेकिन यात्री बस से नीचे उतरने को तैयार नहीं दिखे। खुले आसमान के नीचे खड़ी बस धूप के कारण तपने लगी तो एकाध यात्री नीचे उतरे लेकिन बस के आसपास ही खड़े थे।

बता दें कि जनता क‌र्फ्यू के दिन से ही गैर जनपदों के बसों के आने का सिलसिला जारी है। सोमवार को तो मौके पर पहुंचे डीएम ने सभी को 14 दिनों तक यहीं पर रोकने का आदेश एडीएम प्रशासन को दिया लेकिन शाम को यात्रियों की मांग और मुख्यालय पर बाहर के लोगों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज बसों से उनके गंतव्य तक भेज दिया गया।

आपातकाल के लिए कर्मचारी मुश्तैद

आजमगढ़ : रोडवेज बसों का संचालन जिले से भले ही बंद कर दिया गया है लेकिन आपात स्थिति के लिए कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है। आजमगढ़ से वाराणसी वाया मेंहनगर रूट पर चलने वाली डा. आंबेडकर डिपो की बस के चालक विनोद कुमार, परिचालक अजय कुमार, अतरौलिया से आजमगढ़ होते हुए वाराणसी तक चलने वाली बस के चालक संत विजय यादव, परिचालक राहुल पांडेय ने बताया कि हमें ड्यूटी पर तैनात रहने का आदेश मिला है। अब जहां के लिए आदेश होगा, वहां जाएंगे।

Posted By: Jagran

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