अखिलेश ने जिस विकास यादव के नाम को लेकर उठाया सवाल, उसके पिता ने SIR फॉर्म को लेकर खोले राज; कैसे 10 जगह दर्ज हुआ नाम?
आजमगढ़ में विकास यादव का नाम मतदाता सूची में 10 जगहों पर दर्ज मिला, जबकि उसने पहली बार केवल एक ...और पढ़ें
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HighLights
आजमगढ़ मतदाता सूची में विकास यादव का नाम 10 जगह दर्ज।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उठाया मुद्दा, जांच कमेटी गठित।
विकास ने पहली बार पांच माह पहले भरा था फॉर्म-6।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आजमगढ़ के जिस विकास यादव का नाम मतदाता सूची में 10 जगह दर्ज होने का मुद्दा उठाकर एसआइआर पर सवाल खड़े किए हैं, उसने पांच माह पहले ही पहली बार मतदाता बनने के लिए फार्म-6 भरा था।
19 वर्षीय विकास के पिता जिबोध यादव का कहना है कि बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) घर आई थीं और फार्म भरवाकर ले गई थीं। इसके बाद बीएलओ ने विकास को दो बार बुलाया तो वह उनसे मिलने भी गया था। अब उसका नाम 10 जगह कैसे दर्ज हो गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
पल्हनी ब्लाक के परानापुर गांव निवासी विकास का नाम पल्हनी ब्लाक के दो बूथों, रानी की सराय के एक बूथ और जहानागंज ब्लाक के एक बूथ पर दूसरे नौ आवेदकों के स्थान पर दर्ज हुआ है। यह सभी नौ आवेदक महिलाएं हैं। हालांकि, मतदाता सूची में विकास के नाम के साथ उसके पिता का नाम सही दर्ज है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
मामला सामने आने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने एसडीएम के नेतृत्व में जांच के लिए कमेटी गठित की है। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि गड़बड़ी किस स्तर पर हुई।
विकास के पिता जिबोध यादव आटो मैकेनिक और मां गृहिणी हैं। विकास मेडिकल स्टोर पर काम करने के साथ पढ़ाई करता है। जिबोध यादव के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव ने चार-पांच दिन पहले एक व्यक्ति को उनके घर भेजा था।
उसने विकास का नाम 10 मतदाता सूचियों में दर्ज होने की जानकारी दी थी। इसके बाद शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष विकास को अपने साथ लखनऊ ले गए, जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव से उसकी मुलाकात हुई। जिबोध यादव ने बताया कि शनिवार सुबह बीएलओ घर आई थीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
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लेखपाल भी आए थे। उन्होंने जो जानकारी मांगी, वह उपलब्ध करा दी गई। उनका कहना है कि विकास ने पहली बार मतदाता बनने के लिए केवल फार्म भरा था। उसके नाम पर कई जगह वोट कैसे दर्ज हो गए, इसकी जांच जिला निर्वाचन कार्यालय को करानी चाहिए।
