यूपी में बेरोजगार युवाओं को योगी सरकार देगी 10 लाख, दस दिन की ट्रेनिंग के दौरान भी मिलेंगे 5000 रुपये
उत्तर प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विश्वकर्मा श्रम योजना 2.0 शुरू की है।
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हुनरमंद बनने के बाद स्वरोजगार के लिए मिलेंगे 10 लाख रुपये।
HighLights
विश्वकर्मा श्रम योजना 2.0 में 14 नए ट्रेड शामिल।
10 दिन के प्रशिक्षण में 5000 रुपये मानदेय मिलेगा।
स्वरोजगार हेतु 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करने की दिशा में शासन ने विश्वकर्मा श्रम योजना 2.0 की शुरुआत की है। योजना के दूसरे चरण में 14 नए ट्रेड शामिल किए गए हैं, जिनका युवा प्रशिक्षण ले सकेंगे।
उद्योग विभाग के इस योजना का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को हुनर से स्वरोजगार तक पहुंचाना है। चयनित अभ्यर्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में प्रत्येक दिन 500 रुपये के हिसाब से कुल 5000 रुपये मानदेय भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को योजना के तहत 10 लाख तक के ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशिक्षण में युवाओं को सम्बंधित व्यवसाय की बारीकियां, काम करने की तकनीक, उपकरणों के इस्तेमाल और व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित करने की जानकारी दी जाएगी। इससे प्रशिक्षण लेने वाले युवा नौकरी तलाशने के बजाय अपना काम शुरू करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
पहले चरण में ट्रेड शामिल थे
योजना के पहले चरण में बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी समेत 11 परंपरागत ट्रेड शामिल थे। इन ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर पारंपरित हुनर को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा था।
दूसरे चरण में शामिल नए ट्रेड
नए ट्रेडों में मूर्तिकार, मालाकार, भरभूजा, दूधवाला, मछुआरा, सहित मोबाइल मरम्मत, आटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रानिक सामान की मरम्मत, विद्युत सामान की मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और सौंदर्य एवं वेलनेस जैसे कार्य शामिल हैं।
योजना 2.0 में परंपरागत व्यवसायों के साथ बाजार की वर्तमान मांग को ध्यान में रखते हुए नए ट्रेड शामिल किए गए हैं। चयनित युवाओं को 10 दिन का प्रशिक्षण देकर संबंधित कार्य में दक्ष बनाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। जिससे वे अपने हुनर के आधार पर स्थायी आय का साधन तैयार कर सकें। -आशुतोष श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग।
