जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : अफसरों और अतिक्रमणकारियों की गठजोड़ में जनता के दो करोड़ रुपये डूब गए। हर तरफ जलभराव के पीछे फिलहाल यही कारण सामने आया। बारिश तो थम गई, लेकिन दूसरे दिन भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी। एक दर्जन स्थानों पर बारिश का पानी भरा रहा। यहां तक कि विकास भवन और अफसरों का आवास भी उससे अछूता नहीं रहा। घरों और बेसमेंटों में भरा पानी निकालने के लिए लोगों को रातभर पंपिगसेट चलाना पड़ा। बदले में भारी-भरकम राशि का भुगतान करना पड़ा।

ब्रह्मस्थान क्षेत्र के एक बेसमेंट में पानी भरने का नतीजा यह रहा कि सौंदर्य प्रसाधन की थोक दुकान, रेडीमेड कपड़े की दुकान, इलेक्ट्रिक की दुकान, कंप्यूटर सेंटर डूब गए और लाखों का नुकसान उठाना पड़ा। दोपहर में धूप निकली तो लोग सामान सुखाते दिखे। जिम के उपकरण निकालना मुश्किल था, सो उसे रामभरोसे छोड़ दिया गया था।

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10 स्थानों पर पंपिगसेट लगाने का दावा

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : शहर के विभिन्न इलाके डूबने के बाद तक तमाशा देखने वाली नगर पालिका प्रशासन ने दावा किया है कि जलनिकासी की व्यवस्था के लिए पालिका की ओर से इंतजाम किए गए हैं। शुक्रवार शाम से ही शहर के बदरका, आसिफगंज, चांदमारी, ठंडी सड़क, रामप्रताप यादव के घर, बागेश्वरनगर, विकास भवन, डीआइजी आवास, कमिश्नर आवास कैंपस, सर्किट हाउस कैंपस से पानी निकालने के लिए पंपिग सेट की व्यवस्था की गई है।अगर बारिश फिर हुई तो उसकी भी तैयारी कर ली गई है।

Edited By: Jagran