जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। अब दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद या अन्य प्रांतों से आने वाले लोगों को उनके घर नहीं जाने दिया जाएगा। बल्कि अस्थाई रूप से बनाए जाने वाले अस्पतालों के कुल 850 बेड के कोरंटाइन वार्ड में 14 दिन रहना होगा। उनके स्वास्थ्य परीक्षण और भोजन की व्यवस्था स्वास्थ्य महकमा करेगा।

डीएम नागेंद्र प्रसाद सिंह ने काफी संख्या में इन दिनों बसों से आने वाले लोगों को देखते हुए एहितियात के तौर पर निर्णय लिया है। बताया कि परिवहन निगम के दो टीआइ को लखनऊ भेजा गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि बसों से जिन लोगों को जिले में भेजा जा रहा है, उन यात्रियों को बीच में कतई उतरने नहीं दिया जाए। बल्कि सीधे रोडवेज पर ही बसें आएं, जहां भवन के निचले तले में उनका प्राथमिक परीक्षण किया जाएगा। मऊ व बलिया के यात्रियों को दूसरी बसों से भेज दिया जाएगा। जबकि जिले के लोगों के लोगो के 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया, जीजीआइसी बगवार, बीटीसी कॉलेज जैगहा, जीजीआइसी शहर और मेडिकल कॉलेज एंड इंस्ट्रीट्यूट रौनापार के अस्थाई कोरंटाइन वार्ड में रहने की व्यवस्था की जाएगी। परीक्षण में जो लोग संदिग्ध मिलेंगे, उन्हें मंडलीय जिला चिकित्सालय या चक्रपानपुर मेडिकल कॉलेज में भेजा जाएगा। जहां से ब्लड का नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।

Posted By: Jagran

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