जागरण संवाददाता, फूलपुर (आजमगढ़) : गांव की सरकार एक स्थान पर बैठेगी और लोगों की समस्या का समाधान आसान हो जाएगा। सरकार की ऐसी ही मंशा है, लेकिन बहुतेरे गांवों में पंचायत भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। कई गांवों में मिनी सचिवालय को गिराकर नया बनाया जाना था, जो अब भी सीना ताने खड़े हैं। ऐसे गांवों की सरकार का संचालन घर से चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

फूल ब्लाक क्षेत्र में 89 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायत भवनों की दशा का आकलन करने के बाद 47 ग्राम सभाओं में पंचायत भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें तीन वह गांवों में पंचायत भवन जर्जर थे। इन भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को ब्लाक से प्रस्ताव तो भेजा गया लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। शेष 44 स्थानों पर निर्माण तो शुरू करा दिया गया लेकिन उसमें मात्र 15 स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा हो सका।

ग्राम पंचायत सुदनीपुर, खानजहांपुर, कुसलगांव में बने पंचायत भवन अभी भी जर्जर पड़े हैं। शासन ने सभी ग्राम पंचायतों में कार्यालय खोलने का निर्देश दिया है। कार्यालय भी ऐसे स्थान पर होंगे जहां महिला व पुरुषों के लिए अलग शौचालय, बिजली-पानी की व्यवस्था हो। इंटरनेट, कंप्यूटर, प्रिटर, इन्वर्टर, सोलर लाइट, फर्नीचर और पंचायत भवन तक पक्का मार्ग अनिवार्य है।

ग्राम पंचायतों का गठन हो गया लेकिन जो तस्वीर दिख रही उसमें नहीं लगता कि सभी गांवों की सरकार पंचायत भवन में चल पाएगी। प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत विनोद कुमार का कहना है कि अभी इसी महीने मुझे प्रभारी बनाया गया है। निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास कर रहा हूं।

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