जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : तथ्यों ने सच्चाई से पर्दा उठा दिया। 14 दिनों बाद जांच रिपोर्ट आई तो कलयुगी चाचा ही दुष्कर्मी निकला। उसके बाद पुलिस ने मासूम के गुनहगार के हाथों में हथकड़ी डाल दिया। सच्चाई सामने आई तो लोग अपने ही चाचा में छिपी शैतानियत को जान कांप उठे। दुष्कर्म पीड़ित मासूम उस भयावह रात को भूल नहीं पा रही है। बीएचयू से इलाज के बाद लौटी तो दूसरे ही दिन फिर से उसे अस्पताल मे एडमिट कराना पड़ा।

जीयनपुर क्षेत्र में 24 जनवरी की रात को घर में मां के पास सोई छह वर्षीय बालिका को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला प्रकाश में आया था। आधी रात में मासूम घर से कुछ दूर स्थित एक टेंट हाउस के पास लहूलुहान हालत में पड़ी मिली थी। पीड़ित बच्ची के दादा ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने खुलासा करते कहा कि बच्ची की उस दौरान हालत ठीक न होने से ज्यादा पूछताछ नहीं की जा सकी थी। परिवार के लोग पुलिस की पूछताछ से बचाने के लिए बच्ची के मां को दूर भेज दिया। उसके बाद शक की सूई परिजन पर ही घूमने लगी। परिवार के लोगों ने जिस युवक पर आशंका जताई, वह छानबीन में बेगुनाह निकला। उसके बाद तथ्यों के जरिये सच्चाई से पर्दा उठाने की कोशिश की जो सफल रही। असल में मासूम के चाचा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसके कपड़ों की फोरेंसिक जांच हुई तो चाचा की कलई खुल गई। नारी शक्ति संगठन की सचिव पूनम तिवारी के सामने पीड़ित बच्ची से पूछताछ की गई तो उसने अपने चाचा का नाम लिया। उसके बाद कलयुगी चाचा ने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

Posted By: Jagran

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