आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल स्व. रामनरेश यादव की दूसरी पुण्यतिथि उनके आंधीपुर पैतृक आवास पर सादगी पूर्वक मनाई गई। लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद करते हुए उनके बताए गए मार्गो पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व राज्यपाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा की। मुख्य अतिथि दुर्वासा दैवज्ञ मंडल मुन्ना बाबा ने कहा कि बाबूजी कर्मयोगी थे, सादगी व ईमानदारी उनकी पहचान थी। इसी व्यक्तित्व के बल पर हमेशा लोगों के लिए आदरणीय रहे। संयोजक पूर्व प्रधान बलबीर ¨सह यादव ने कहा कि अपने मुख्यमंत्रित्व काल में अंत्योदय योजना की शुरुआत कर पिछड़े व गरीब परिवार को उठाने का काम किया था। आयोजक डा. सुरेश यादव ने कहा कि बाबूजी एक विचारक थे। बाबूजी ने हमेशा गंगा-जमुनी संस्कृति के माध्यम से जीवनपर्यंत भेदभाव को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। इस मौके पर पूर्व प्रधानाचार्य हरिबंश यादव, सत्यप्रकाश यादव, प्रधान सियाराम राजभर, डा. सुभाष यादव, डा. उदयभान यादव, प्रधानाचार्य राजकुमार यादव, रामअचल विश्वकर्मा, डा. शिवशंकर ¨सह यादव, पारस नाथ, केशव प्रसाद आदि रहे। अध्यक्षता दुर्बलीराम व संचालन दिनेश यादव ने किया।

Posted By: Jagran

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