जासं, फूलपुर (आजमगढ़) : फूलपुर कस्बा व सरायमीर क्षेत्र में लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं शुक्रवार को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच विसर्जन को निकलीं। गाजे-बाजे के साथ मूर्तियां सबसे पहले शनीचर बाजार पहुंची। इस दौरान भक्तों ने जमकर जयकारे लगाए। इसके बाद मूर्तियां शंकर तिराह पहुंची। महिलाओं ने दर्शन पूजन कर सुख समृद्धि की कामना कीं। नि•ामाबाद रोड होते हुए मूर्तियां पौराणिक स्थल दुर्वासा स्थित तमसा मंजुसा ले जाकर नदी में विसर्जित की गईं। सुरक्षा की ²ष्टि से जुलूस के साथ कोतवाल नागेश उपाध्याय, ब्रिजेन्द्र ¨सह, एसओ सरायमीर फोर्स के साथ चल रहे थे। निजामाबाद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के ऐतिहासिक मेले में लक्ष्मी, गणेश व सरस्वती की प्रतिमाएं लगभग 100 से ऊपर स्थापित की गई थीं। मूर्ति स्थापना के साथ ही जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। वृंदावन व गुजरात से आए कलाकारों ने कृष्ण लीलाओं का ब्रज भाषा में प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध किया। मूर्तियों का नगर भ्रमण के बाद शिवाला घाट स्थित कृत्रिम सरोवर में विसर्जन किया गया। प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस के छूटे पसीने

जासं, रानी की सराय (आजमगढ़) : रानी की सराय कस्बा में दीपावली पर्व पर एक दर्जन प्रतिमा स्थापित की गई थी। भैया दूज के चलते प्रतिमा विसर्जन तीसरे दिन होता है। आधा दर्जन कमेटियों द्वारा प्रतिमा को ट्रैक्टर ट्राली पर सजावट के साथ लोगों के दर्शनार्थ कस्बा भ्रमण कराया जाता है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुक्रवार की रात को पूजा समिति की ओर से ट्रैक्टर ट्रालियों पर प्रतिस्पर्धा के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र बांधा गया था। डीजे बंधी ट्रैक्टर ट्राली को देख रानी की सराय थाना प्रभारी ने एनाउंस कर चेतावनी दी कि ट्रैक्टर आगे बढ़ाएं अन्यथा न्यायालय के आदेश के तहत परमिशन न होने की दशा में डीजे बंधी ट्रालियों को सीज कर दिया जाएगा। पुलिस की चेतावनी के थोड़ी देर बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए ट्रैक्टर ट्राली लेकर आगे तो बढ़ गए पर पूजा समिति के आयोजकों ने जमकर डीजे प्रतियोगिता किया। देर रात सभी प्रतिमाएं रानी पोखरे में विसर्जित कर दी गई।

Posted By: Jagran

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