-मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ा

-खोदे गए गड्ढे को भी प्रशासन ने पटवा दिया

जागरण संवाददाता, बिद्राबाजार (आजमगढ़) : आजमगढ़-जौनपुर फोरलेन निर्माण के बाद आसपास के गांवों को जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए कार्यदायी संस्था और प्रशासन के बीच साइफन डालने की बात तय हुई थी, लेकिन संस्था के लोग मंगलवार को साइफन उठा ले गए। इसे लेकर ग्रामीण आक्रोशित हुए तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।

फोरलेन के आसपास के रसूलपुर, रंजीतपट्टी, रानीपुर रजमो गांव बरसात होते ही पानी से डूब जाते हैं। इससे निजात के लिए गांव वासियों ने लगातार संघर्ष किया, तो पिछले दिनों उपजिलाधिकारी निजामाबाद राजीव रत्न सिंह गायत्री प्रोजेक्ट के अधिकारी के साथ मौके पर पहुंचे। गांव को जलजमाव से निजात दिलाने के लिए साइफन डालने की बात कही गई, ताकि गांव का पानी पूरब दिशा में मगई नदी में चला जाए। इसके लिए खोदाई भी कर दी गई थी कि सोमवार की शाम संस्था के लोग साइफन लेने पहुंच गए। पहले दिन तो ग्रामीणों का आक्रोश देख लोग लौट गए, लेकिन मंगलवार को फिर पहुंच गए।

इसकी भनक लगने पर सैकड़ों लोग वहां पर जुट गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को बलपूर्वक खदेड़ दिया।मामले की गंभीरता को समझ एसडीएम मेंहनगर प्रियंका प्रियदर्शनी, एसडीएम निजामाबाद राजीव रत्न सिंह भी फोर्स के साथ पहुंच गए।

यह देख ग्रामीण शांत हो गए और गायत्री प्रोजेक्ट के लोग साइफन को उठा ले गए। यही नहीं इसके लिए खोदे गए गड्ढे को भी पटवा दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि अब दोसौ मीटर दूर साइफन डाला जाएगा।जहां पहले साइफन डालने की बात हुई थी वह विवादित स्थान है। उधर ग्रामीणों ने गायत्री प्रोजेक्ट पर आरोप लगाया कि उसके अधिकारी मनमानी कर रहे हैं।