जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : बिना मानक संचालित हो रहे आरओ प्लांट को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीरता लिया है। मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक पखवाड़े में स्पष्ट जवाब मांगा गया है। निर्धारित अवधि के बाद विधि संगत कार्रवाई होगी।

तहसील सगड़ी अंतर्गत मलिक टोला स्थित मेसर्स मलिक वेबरेजेज का निरीक्षण बोर्ड के प्राधिकारी अधिकारी ने एक जनवरी को किया था। उद्योग एक आरओ (रिवर्स आसमोसिस) प्लांट है। इसकी क्षमता 20 हजार लीटर प्रतिदिन की है। उद्योग को बोर्ड से 20 दिसंबर 2017 को सशर्त अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। उद्योग से प्रतिदिन चार किलो लीटर रिजेक्ट वाटर निस्तारित होता है। जिसके शुद्धीकरण के लिए उद्योग में कोई व्यवस्था नहीं है। भू-गर्भ जलदोहन के लिए केंद्रीय भू-गर्भ जल प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। उद्योग से उत्पादन कार्य मई 2019 से बिना सहमति पत्र प्राप्त किए शुरू कर दिया गया। उद्योग की स्थापना बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर की गई है लेकिन अनाप्ति प्रमाण पत्र में निहित शर्तों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए जनहित व जनस्वास्थ्य को देखते हुए उद्योग का संचालन रोका जाना आवश्यक है। बोर्ड ने डीएम, एसपी, अधिशासी अभियंता पावर कारपोरेशन लिमिटेड, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया कि उद्योग का निरीक्षण कर 15 दिन के अंदर आख्या प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें।

Posted By: Jagran

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