--प्रशासन सख्त :::

- विकास कार्यो का सत्यापन कर निर्धारित समय में प्रस्तुत नहीं की आख्या

-एक माह का वेतन रोका, तीन सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण तलब

-निर्धारित समय पर जवाब न देने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई जागरण संवाददाता, आजमगढ़: ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों का सत्यापन कर निर्धारित समय में आख्या प्रस्तुत नहीं करने पर सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने सख्ती की है। उन्होंने 22 जिला स्तरीय जांच अधिकारियों के नवंबर के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कहा है कि यदि तीन दिन के अंदर जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

सीडीओ ने बताया कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों में नियुक्त किए गए प्रशासकों की कार्य अवधि के प्रथम चरण में राज्य वित्त, 15वां वित्त, पंचम वित्त आयोग, अंत्येष्टि स्थल, पंचायत भवन निर्माण, सीएससी अतिरिक्त कक्ष, सामुदायिक व व्यक्तिगत शौचालय निर्माण एवं एसएलडब्ल्यूएम से संबंधित कार्यों के रेंडमली सत्यापन लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नामित किया गया था। निर्देशित किया गया था कि आख्या 28 अगस्त तक डीपीआरओ में उपलब्ध करा दें, लेकिन अभी तक आख्या उपलब्ध नहीं कराई। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उसमें जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक अभियंता शारदा सहायक खंड-23, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, सहायक अभियंता आरइडी, जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास), उपायुक्त स्वत: रोजगार, सहायक अभियंता निर्माण खंड-5, उपायुक्त उद्योग, सहायक अभियंता प्रांतीय खंड, जिला कृषि अधिकारी, सहायक अभियंता शारदा सहायक खंड-23, जिला प्रोबेशन अधिकारी, सहायक अभियंता शारदा सहायक खंड, उप दुग्ध अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता आरइडी, सहायक अभियंता जलनिगम अनुभव कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता डीआरडीए, सहायक अभियंता लघु सिचाई, सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सहायक अभियता जल निगम भूपेंद्र सिंह शामिल हैं।

Edited By: Jagran