आजमगढ़ में लुटेरी दुल्हन गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार, कई जिलों में दर्ज है आपराधिक मामला
आजमगढ़ पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया ...और पढ़ें

आजमगढ़ में लुटेरी दुल्हन गिरोह का भंडाफोड़, सात सदस्य गिरफ्तार।
HighLights
आजमगढ़ में 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार।
गिरोह शादी के नाम पर करता था ठगी, दो महिलाएं शामिल।
पुलिस ने नकदी, आभूषण और दो बाइकें बरामद कीं।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। शादी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के सात सदस्यों को बरदह थाना की पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बजरंगी बिंद निवासी मलहज, शाहगंज, जौनपुर, राजन विश्वकर्मा निवासी रोचनपुर, सराय ख्वाजा, जौनपुर, बहादुर उर्फ राजू निवासी जमालपुर, सराय ख्वाजा, जौनपुर, रामबिलास निवासी मलहज, शाहगंज, आजमगढ़, जय किशन उर्फ अजीत पांडेय उर्फ पुरुषोत्तम, लाइन बाजार, जौनपुर तथा दो महिलाएं हैं।
पुलिस ने आरोपितों के पास से 19,650 रुपये, सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त दो बाइकें भी बरामद की है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन बताया कि दुल्हन, उसके पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर शादी का नाटक रचते थे। शादी के बाद रुपये व आभूषण लेकर फरार हो जाते थे।
नौ सितंबर को हरदोई के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ गांव निवासी रामबिलाश ने बरदह थाने में तहरीर दी थी। दी गई तहरीर में बताया कि उसके पुत्र राजकुमार की शादी कराने के लिए वाट्सएप पर लड़की का फोटो भेजा गया था। इसके बाद उसे बंधवा महादेव मंदिर बुलाया गया। वहां राजकुमार की लड़की से शादी कराई गई। शादी के दौरान लड़की को नाक की कील और 80 हजार रुपये दिए गए।
आरोप है कि शादी के बाद राजकुमार लड़की को लेकर घर जा रहा था। बंधवा मोड़ के पास लड़की के नकली पिता, भाई और मनोज ने उसे गाड़ी से उतार दिया और लड़की व रुपये लेकर फरार हो गए। मामले में बरदह थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शुक्रवार को उपनिरीक्षक मनीष सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपित कोदहरा चौराहा पर मौजूद हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर पांच पुरुषों और दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि गिरोह ऐसे लोगों की तलाश करता था, जिनकी शादी नहीं हो रही थी।
महिला सदस्य को दुल्हन बनाकर उसका फोटो दिखाया जाता था। शादी तय होने के बाद गिरोह के अन्य सदस्य दुल्हन के पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल होते थे। शादी के दौरान रुपये व आभूषण लेने के बाद लड़के पक्ष को विवाद और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर वहां से भगा देते थे। बाद में सामान आपस में बांट लेते थे।
बजरंगी बिंद और बहादुर उर्फ राजू ने दुल्हन के भाई तथा राजन विश्वकर्मा पिता बनता था। रामबिलास और जय किशन उर्फ अजीत रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल होते थे। बजरंगी बिंद के खिलाफ जौनपुर, देवरिया और आजमगढ़ में ठगी, धोखाधड़ी और गैंग्सटर एक्ट समेत पांच मुकदमे दर्ज हैं। जय किशन उर्फ अजीत के खिलाफ जौनपुर और आजमगढ़ में चार मुकदमे दर्ज हैं।
