जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : नया व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद वाहन चालकों को कई समस्या उत्पन्न हो गई है। जानकारी के अभाव में पब्लिक भटक रही है। बिचौलियों के चक्कर में फंसकर लोग पैसे बर्बाद कर दे रहे हैं। जबकि परिवहन संबंधित 25 सेवाएं आनलाइन हो गई हैं। परिवहन संबंधित दुश्वारियों से जूझ रहे लोगों के लिए दैनिक जागरण के प्रश्न पहर कार्यक्रम में शुक्रवार को संभागीय परिवहन अधिकारी रामवृक्ष सोनकर को बतौर मेहमान आमंत्रित किया गया था। फोन पर लोगों ने बढ़ चढ़कर सवाल पूछे। उन्होंने जवाब देकर लोगों को संतुष्ट किया।

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परिवहन की 25 सेवाएं आनलाइन

परिवहन विभाग की 25 सेवाएं आनलाइन है। आवेदक को परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ जानकारी चाहिए तो परिवहन विभाग की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाते ही सारथी सेवा आएगी जिसपर लाइसेंस संबंधित जानकारी प्राप्त हो जाएगी। वाहन पर क्लिक करने पर वाहन संबंधित सभी जानकारी प्राप्त हो जाएगी। जितने वाहन शोरूम हैं, उनमें परिवहन विभाग की आनलाइन सेवाओं का डिसप्ले लगाना जरूरी है। लाइसेंस में संशोधन, रीनुअल, वाहन का परमिट समेत सभी सेवाएं आनलाइन हो गई हैं।

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कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं लाइसेंस

संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि जो आवेदक लाइसेंस को आवेदन किया जो किसी कारणवश उनके पास नहीं पहुंच सका उनका लाइसेंस लखनऊ मुख्यालय से आरटीओ कार्यालय में भेजा गया है। 560 लाइसेंस प्राप्त हुए थे जिसमें से 133 लाइसेंस आवेदकों को उपलब्ध कराया गया। अभी कार्यालय में 427 लाइसेंस बचा हुआ है। जिनका लाइसेंस लंबे समय से नहीं मिल पाया है, वह कार्यालय में पहचानपत्र दिखाकर लाइसेंस प्राप्त कर सकता है।

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शोरूम में मिलेगी जानकारी

वाहनों के डीलर या शोरूम में वाहनों की कीमत, वाहनों पर लगने वाला टैक्स, रजिस्ट्रेशन फीस, आरटीओ फीस व रोड टैक्स का लिखा बोर्ड लगा होना चाहिए। जिससे ग्राहकों को भ्रम न हो सके। आने वाले दिनों में शोरूम की जांच कराई जाएगी। किसी शोरूम में वाहनों से संबंधित जानकारी का डिस्प्ले नहीं लगाया रहेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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यातायात नियमों का करें पालन

हेलमेट व सीट बेल्ट दुर्घटना को नहीं रोकता बल्कि दुर्घटनाओं में होने वाली मौत के आंकड़े को कम करता है। यदि दुर्घटना से बचना है तो यातायात नियमों का पालन करना होगा। ओवर स्पीड न चलें, ओवरलोडिग न चलें, शराब पीकर वाहन न चलाएं, डग्गामारी न करें, हमेशा अपने बाएं चलें, मोड़ पर धीमी गति से चलें। यदि कोई सड़क दुर्घटना में घायल हो जाता है तो उसकी मदद करें आप नेक नागरिक कहलाएंगे। ऐसे लोगों को सरकार पुरस्कृत करती है।

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सवाल एवं जवाब :::

सवाल : ड्राइविग लाइसेंस रीनुअल कराना है।

जवाब : लाइसेंस को आनलाइन करा लें। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर रीनुअल के लिए अप्लाई कर दें। फीस के साथ 100 रुपये की पेनाल्टी जमा करनी होगी।

सवाल : ड्राइविग लाइसेंस के लिए डाक्यूमेंट व फीस क्या है।

जवाब : हाईस्कूल की मार्कशीट, आधार कार्ड, पहचान पत्र, ब्लड ग्रुप होना जरूरी है। सब आनलाइन प्रक्रिया है। आनलाइन फीस कटने के बाद डेट मिलती है। निर्धारित तिथि पर फोटो व अंगूठा लगता है।

सवाल : ड्राइविग लाइसेंस पर नाम गलत हो गया है।

जवाब : वेबसाइट पर जाकर आनलाइन सही कर सकते हैं। यदि नहीं हो पाये तो आनलाइन आवेदन करके कार्यालय में जाकर सही करा सकते हैं।

सवाल : दुर्घटना में आर्थिक सहायता कैसे मिलेगी।

जवाब : यदि कोई वाहन टक्कर मारकर भाग जाये। हादसे में व्यक्ति की मौत हो जाये तो सरकार से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है।

सवाल : ड्राइविग लाइसेंस खो गया है।

जवाब : नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें। उसके बाद परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें। आनलाइन फीस कटने बाद कार्यालय में पहुंचकर सही करा सकते हैं।

सवाल : परमिट खत्म हो गया, कैसे बनेगा।

जवाब : फीस आनलाइन जमा कर दें। आनलाइन परमिट मिल जाएगी।

सवाल : लाइट लाइसेंस को हाइवे कराना है।

जवाब : लाइसेंस तीन साल पुराना होना चाहिए। हाइवे के लिए आनलाइन अप्लाई करना होगा। किसी ट्रेनिग स्कूल में प्रशिक्षण लेना होगा। वहां से पांच नंबर का सर्टिफिकेट जारी होगा। उसी आधार पर टेस्ट लेकर हाइवे लाइसेंस जारी किया जाएगा। इन्होंने पूछे सवाल

सुभाषचंद्र बरनवाल ठेकमा बाजार, दिलीप कुमार गुप्ता आजमगढ़, सूर्यप्रकाश चौबे लपसीपुर जहानागंज, विवेक सिंह जीयनपुर, रामलौट यादव मार्टीनगंज, राकेश कुमार मौर्य अंबारी, रवि त्रिपाठी जीयनपुर, रमेश सिंह चकवारा, आशुतोष विक्रम अंबारी, ज्ञानचंद आजमगढ़, सुरेंद्र यादव सियरहा, रामाश्रय यादव देवगांव आजमगढ़।

Posted By: Jagran

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