जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति पर रासुका लगाए जाने और देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराए जाने की बात को लेकर शनिवार को सरायमीर थाने के सामने जो कुछ हुआ, वह तो प्रशासन समझेगा लेकिन सियासी दांव-पेच से पीछे पार्टी जिलाध्यक्ष नहीं रहे। हालांकि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हर किसी को कानून के दायरे में रहने की नसीहत दी लेकिन सपा व भाजपा जिलाध्यक्ष मामले को सियासी रंग देने से पीछे नहीं रहे।

सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने तो भाजपा के साथ राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल को जोड़ते हुए साम्प्रदायिक कहते हुए हमला बोला। जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमप्रकाश राय ने सपा-ओलमा कौंसिल व ओबेसी की पार्टी एआइएमआइएम की मिलीजुली साजिश बताया।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस व्यक्ति ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, उसके खिलाफ तो पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जरूरी कार्रवाई कर दी है। बावजूद इसके खोदादादपुर घटना के मुख्य आरोपी के बहकावे में आकर कुछ लोगों ने अराजकता का माहौल पैदा किया है। जिले के अमन-चैन को प्रभावित करने का कुत्सित प्रयास किया है।

ऐसे लोगों जिन्होंने यह कृत्य किया है, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कहा कि जाति के नाम पर वोट की राजनीति करने वाली सपा इस समय राजनीतिक विक्षिप्तता के दौर से गुजर रही है। इनके पास कुछ कहने को नहीं रह गया है। इनकी बातों को ज्यादा जवज्जों भाजपा नहीं देती है।

उधर, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि सरायमीर में जो भी कुछ हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। हां, इसमें अल्पसंख्यक दोषी नहीं बल्कि एक संगठन दोषी है और वह है ओलमा कौंसिल। ओलमा कौं¨सल व भाजपा को तो बवाल कराने में महारत हासिल है। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि मौके पर सपा विधायक आलमबदी आजमी व पूर्व विधायक आदिल शेख गए थे, उन्होंने बताया कि यह एक संगठन द्वारा पूर्व नियोजित बवाल था। कानून के दायरे में रहकर ही सभी को अपनी बात रखनी चाहिए।

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