आजमगढ़ : लालगंज कस्बा में तेरह दिन पूर्व हुए गैस गोदाम से लूट के बाद एजेंसी संचालक की हुई हत्या को लेकर पुलिस हाफ रही है। कार्रवाई के नाम पर पुलिस जहां ताबड़तोड़ छापेमारी का दावा कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कोई सार्थक पहल नहीं निकलने से नतीजा शून्य है। पुलिस के हाथ लगे सीसीटी कैमरे के फुटेज के बाद भी पुलिस अभी तक बदमाशों की पहचान भी नहीं करा सकी है। घटना लूट के इरादे से हुई या हत्या के इरादे से इस पहेली की गुत्थी भी सुलझ नहीं सकी है।

लालगंज कस्बा में 8 अप्रैल को पूजा गैस एजेंसी संचालक व ग्राम प्रधान भूपेंद्रनाथ यादव की हत्या व गैस गोदाम से हुए 97 हजार 200 रुपये की लूट की घटना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। इस घटना के खुलासा के लिए एसपी ने पुलिस की चार टीमें गठित की है। वहीं इस गठित टीम में सीओ लालगंज, सदर, फूलपुर, स्वाट टीम के अलावा देवगांव के पूर्व कोतवाल मुनीष चौहान, वर्तमान कोतवाल रूपेश ¨सह के साथ ही सरायमीर, रानी की सराय, गंभीरपुर थानाध्यक्ष के साथ ही सर्विलांस टीम को भी एसपी ने लगा दिया। पुलिस की टीम घटना के बाद से ही जौनपुर, अंबेडकर नगर, गाजीपुर व आजमगढ़ के विभिन्न थानों में छापेमारी कर रही है। पुलिस की एक टीम फरार बदमाशों की तलाश में बिहार तक भी गई हुई थी। तेरह दिन से चल रही ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद भी नतीजा अभी तक शून्य ही है। वहीं छानबीन के बाद गैस एजेंसी पर लगे सीसीटीवी कैमरे से घटना में शामिल रहे तीन बदमाशों का फुटेज पुलिस के हाथ लगा।

इसके बाद भी तीनों फरार बदमाशों की गिरफ्तारी तो दूर फुटेज के आधार पर उनका पहचान भी नहीं करा सकी। यहीं नहीं गैस एजेंसी संचालक की हत्या रंजिश को लेकर की गई या लूट के इरादे से हुई। इस गुत्थी को भी पुलिस अभी तक नहीं सुलझा सकी है।

'' गैस एजेंसी संचालक की हत्या व लूट में शामिल बदमाशों की तह तक पुलिस पहुंच चुकी है। फुटेज के आधार पर दो बदमाशों की पहचान भी हो चुकी है। लेकिन सटीक सुबूत हाथ नहीं लग पा रहा है। पुलिस ठोस सबूत की तलाश मे लगी है। जैसे ही पुख्ता साक्ष्य हाथ आ जाएगा वैसे ही दोनों बदमाशों को दबोच लिया जाएगा। बदमाशों के पकड़े जाने के बाद ही खुलासा होगा कि हत्या किस इरादे से की गई है। ''

सुभाषचंद गंगवार, एसपी सिटी, आजमगढ़

Posted By: Jagran

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