आजमगढ़ में बाढ से तीस हजार की आबादी प्रभावित, भदौरा तालुका नैनीजोर में बाढ़ के पानी से घिरे घर
आजमगढ़ में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से सगड़ी तहसील के 30 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, कई ...और पढ़ें

आजमगढ़ में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा, 30 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित, प्रशासन अलर्ट।
HighLights
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से 30 हजार लोग प्रभावित।
बाढ़ प्रभावित गांवों में 18 नावें लगाई गईं, राहत किट वितरित।
जलमग्न संपर्क मार्गों से आवागमन बाधित, बिजली कटौती से परेशानी।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। सगड़ी तहसील के उत्तर में बहने वाली सरयू नदी के जलस्तर में गुरुवार की सुबह आठ बजे 11 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर बढ़ने से दाम महुला, सहबदिया, परसिया, गांगेपुर, देवरा खास, चकिया हाजीपुर, साहडीह, भदौरा, अचलनगर, आराजी अजगरा, मंगरवी, अभनपट्टी, मानिकपुर, रोशनगंज और उर्दहा गांव की करीब 30 हजार की आबादी प्रभावित है।
इसके साथ ही भदौरा तालुका नैनीजोर में बाढ़ के पानी से चार मकान घिर गए हैं। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के आवागमन के लिए प्रशासन द्वारा 18 नाव लगवाई गई है। रौनापार प्रतिनिधि के अनुसार भदौरा तालुका नैनीजोर गांव निवासी इंद्रेश कुमार ने बताया कि नाव लगने से आवागमन की समस्या दूर हो गई है। गांव के पूर्वी हिस्से में बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तार खींचे गए हैं।
बिजली रहने तक तो ठीक है, लेकिन कटौती होते ही चारों तरफ अंधेरा छा जाता है और जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता है। बेलहिया और चक्की का संपर्क मार्ग डूबने से ग्रामीण पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। अचल सिंह गांव निवासी कमलावती देवी, लालती और वीरेंद्र कुमार ने बताया कि दो किलोमीटर पैदल चलकर आ रहे हैं।
बेलहिया-अजगरा संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ गया है। बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चे भी पानी से होकर स्कूल आ-जा रहे हैं। चक्की-हाजीपुर संपर्क मार्ग नीचा होने से उस पर भी पानी चढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मार्ग ऊंचा करने का काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया।
अगर यह कार्य पूरा कराया गया होता तो आज दिक्कत नहीं होती। सरयू का पानी दाम महुला, सहबदिया, चक्की हाजीपुर, देवरा खास राजा, साहडीह, भदौरा, बांका, बुढनपट्टी, मानिकपुर, अचलनगर, देवारा इस्माइलपुर गांव के करीब पहुंच गया है, जिससे हरे चारे का संकट उत्पन्न हो गया है।
प्रशासन अलर्ट, लाइफ जैकेट पहनकर सतर्क रहे नाविक : सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 18 नावों का संचालन शुरू कर दिया है। इसमें सेमरी में एक, पहाड़पुर में एक, भदौरा तालुका नैनीजोर में एक, चक्कीहाजीपुर में पांच, निबिहवा में तीन, उर्दिहा में दो, सोनौरा में दो, मानिकपुर में एक, देवारा इस्माइलपुर में एक और महाजी देवारा जदीद में एक नाव चलाई जा रही है। सभी नाविकों को लाइफ जैकेट के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
710 बाढ़ पीड़ितों में वितरित किया गया राहत किट : रौनापार क्षेत्र स्थित वर्मा श्याम दुलारी डिग्री कालेज नई बस्ती में बने अस्थायी आश्रय स्थल पर गुरुवार को देवारा इस्माइलपुर और अचलनगर के 710 बाढ़ पीड़ितों में स्थानीय लेखपाल एवं अन्य राजस्व कर्मियों द्वारा राहत किट का वितरण किया गया।
सरयू नदी का जलस्तर : बदरहुआ नाले पर जलस्तर बुधवार की सुबह आठ बजे 72.03 था। गुरुवार की सुबह आठ बजे 11 सेमी बढत के साथ 72.14 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 46 सेमी ऊपर है। डिघिया नाले पर जलस्तर बुधवार की सुबह 71.28 था, गुरुवार की सुबह पांच सेमी बढत के साथ 71.33 दर्ज किया गया।
महुला गढ़वल बांध पर अतिक्रमण के खिलाफ चला बैकहो लोडर : रौनापार थाना क्षेत्र के महुला-गढ़वल बांध पर स्थित नैनीजोर में गुरुवार को बाढ़ खंड सिंचाई विभाग ने बैकहो लोडर से अतिक्रमण को हटवाया। नैनीजोर निवासी रमेश सिंह ने आईजीआरएस पर शिकायत किया था कि गांव के देवलास साहनी, शत्रुघ्न साहनी और सुरजी देवी ने बांध पर लकड़ी का टाल, गुमटी और टीन शेड लगाकर कब्जा कर लिया है।
जिलाधिकारी के आदेश पर निस्तारण के लिए सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अमित कुमार, अवर अभियंता धीरज कुमार और जिलेदार अनिल कुमार तिवारी रौनापार पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण को हटवाया। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कहा कि इसी बांध पर 50 से अधिक लोगों ने कब्जा कर रखा है, उनका भी अतिक्रमण हटाया जाए। अधिकारियों ने कहा कि जो गुमटी बच गई है उसे दो दिन के अंदर अतिक्रमण करने वाले हटा लें, नहीं तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
