जागरण संवाददाता, दीदारगंज (आजमगढ़): समझ में नहीं आता कि थाने की पुलिस को झूठ बोलने से फायदा क्या है। प्रधानपति के अपहरण मामले में शुरू से ही कोई जानकारी देने से कतराने वाली थाने की पुलिस प्रधानपति को थाने लाने के बाद भी सही जानकारी नहीं दे सकी।जौनपुर जिले के शाहगंज स्थित निजी अस्पताल से डिस्चार्ज होने के साथ ही पुलिस ने कैथौली गांव के प्रधानपति हौसिला प्रसाद राजभर को अपनी जीप में बैठा लिया।

इसकी भनक लगने पर जब हौसिला के बारे में जानकारी के लिए फोन किया गया तो जवाब मिला कि वह अभी अस्पताल में ही हैं।यही नहीं, घटना के दूसरे दिन ही पुलिस ने एक नामजद आरोपित को गिरफ्तार किया था, लेकिन कहा ऐसा कुछ नहीं है।

दीदारगंज थाना क्षेत्र के कैथौली के प्रधानपति हौसिला प्रसाद राजभर का तीन जुलाई की रात उस समय अपहरण कर लिया गया था जब वह शिव मंदिर में पूजा करने गए थे।दूसरे दिन पुलिस ने एक आरोपित अशोक यादव को रात में आठ बजे गांव के सिवान से दौड़ाकर गिरफ्तार कर लिया था।उसके दूसरे दिन की भोर में पांच बजे प्रधानपति मरणासन्न अवस्था में शिव मंदिर में मिले थे।इन सभी मामलों की जानकारी के लिए जब भी एसओ को फोन किया गया तो एक ही जवाब मिला कि कुछ नहीं है।

अब पुलिस की झूठ पर गौर करें तो बुधवार की शाम को प्रधानपति को पुलिस शाहगंज अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर थाने की सरकारी जीप से शाम पांच बजकर 45 मिनट पर दीदारगंज थाने ले आई।इस बारे में थानाध्यक्ष से पूछा गया तो जवाब दिया कि हौसिला अभी अस्पताल में ही हैं। दूसरी ओर ग्रामीणों को हकीकत की जानकारी हुई तो वह प्रधानपति का कुशलक्षेम जानने के लिए थाने पहुंच गए।

Edited By: Jagran