-अदालत से :::::

-पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट न लिखने का पाया दोषी

-अपना पक्ष रखने को 25 सितंबर की तिथि नियत

विधि संवाददाता, आजमगढ़ : पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज न करना थानाध्यक्ष गंभीरपुर व चौकी प्रभारी गंभीरपुर को भारी पड़ गया।पाक्सो कोर्ट ने थाना प्रभारी गंभीरपुर तथा चौकी इंचार्ज गंभीरपुर के विरुद्ध प्रकीर्ण मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।अदालत ने थाना प्रभारी व उप निरीक्षक को अपना पक्ष रखने के लिए 25 सितंबर की तिथि नियत की है।

इस मामले में पीड़ित ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था कि 13 जून 2021 की रात आठ बजे उसकी 15 वर्षीया पुत्री शौच को गई थी।तभी गांव के विपिन, बबलू, मनोज तथा दो अन्य लोग पुत्री को उठा ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।जब आरोपी पीड़िता को कहीं बाहर ले जाने की फिराक में थे तब शाहगंज, जौनपुर के रोडवेज पर 112 नंबर पुलिस के हत्थे चढ़ गए।पुलिस ने पिता को बुलाकर पीड़िता को सौंप दिया।जब पिता ने पुलिस चौकी गंभीरपुर पर इस घटना की सूचना दी तो चौकी इंचार्ज सतीश यादव ने आरोपी और पीड़ित के घर वालों को बुलाकर सुलह का दबाव बनाया।इसके बाद आरोपितों ने पीड़ित के दरवाजे पर चढ़कर तीन अगस्त 2021 की रात ईंट-पत्थर से हमला किया।न्यायालय ने मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए थाना प्रभारी गंभीरपुर को प्रकरण में आरोपितों के विरुद्ध दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। वहीं अदालत ने यह भी पाया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस उपनिरीक्षक गंभीरपुर चौकी इंचार्ज तथा थाना प्रभारी गंभीरपुर को पूरे प्रकरण की जानकारी थी।उसके बावजूद उन लोगों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।तब पाक्सो कोर्ट के जज रवीश कुमार अत्री ने बुधवार को थानाध्यक्ष गंभीरपुर तथा उपनिरीक्षक सतीश कुमार के विरुद्ध प्रकीर्ण मुकदमा दर्ज करने का आदेश देते हुए 25 सितंबर तिथि नियत कर दी।

Edited By: Jagran