जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : मंदिरों में देवी की पूजा के साथ कई स्थानों पर देवी के रूप में कन्या की पूजा की गई। परंपरा के अनुसार साथ में कहीं भैरव तो कहीं हनुमान जी के रूप में एक बालक को भी साथ बिठाया गया।आमंत्रित बच्चों के पहुंचने पर सर्व प्रथम उनको तिलक लगाकर, माल्यार्पण कर चुनरी ओढ़ाया गया। उसके बाद कतार में बैठाकर कहीं भोजन तो कहीं फलाहार कराया गया।तमसा किनारे गौरीशंकर घाट पर नौ कन्या पूजन को पहुंचीं हरिऔध नगर की सुधा पांडेय ने बताया कि भगवान राम को भी शबरी का आश्रम प्यारा था इसलिए हमने यहां के बच्चों को फलाहार कराने का फैसला लिया, क्योंकि इन्हें सम्मान की जरूरत है।

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