जासं, मुबारकपुर (आजमगढ़) : रमजान माह का पहला अशरा जो रहमत वाला होता है जिसके पांचवें दिन रमजान माह के पहले जुमे की नमाज सभी जामा मस्जिदों में अदा की गई। मुकद्दस रमजान का पहला अशरा चल रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोग बड़े ही अकीदत के साथ रोजा रखते हुए इबादत में जुटे हुए हैं। इसके बाद दूसरा अशरा शुरू होगा जो कि मगफिरत वाला कहा जाता है। दूसरे अशरे को मगफिरत वाला अशरा भी कहा जाता है। उलेमा-ए-दीन फरमाते हैं कि इस अशरे में मुसलमानों को मगफिरत की दुआ करनी चाहिए। रमजान शरीफ के महीने में तीन अशरे होते हैं। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नुम से निजात पाने वाला होता है। अल्लाह तआला रमजान में हर मोमिन की दुआ कुबूल फरमाता है। मुसलमानों को चाहिए कि गुनाहों से तौबा और मगफिरत की दुआ करें। उलेमा-ए-दीन फरमाते हैं कि इफ्तार के वक्त की दुआ अल्लाह तआला को पसंद है उसे कुबूल फरमाता है।

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Posted By: Jagran