जासं, मेंहनगर (आजमगढ़) : स्थानीय लोगों के लगातार प्रयास के बाद मछली मार्केट निर्माण के लिए पैसा आया, नींव तो पड़ी लेकिन काम अधूरा होने के कारण पैसा ही वापस भी हो गया। इसकी मुख्य वजह कुछ लोगों द्वारा विरोध जताना बताया जा रहा है। इसके कारण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में मछली की बिक्री हो रही है।

जानकारी मुताबिक वर्ष 2011 में क्षेत्रवासियों ने तत्कालीन चेयरमैन कौशल्या देवी के समक्ष मछली मार्केट बनाने की मांग रखी। व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व चेयरमैन प्रतिनिधि वीरेंद्र आर्य ने तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष चौहान से मछली मार्केट बनवाने के लिए सिफारिश की थी। लगातार प्रयास के बाद शासन की तरफ से कस्बे में भूमि चिह्नित कर मछली मार्केट बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए शासन ने चार लाख 25 हजार रुपये आवंटित किया। ठेकेदार द्वारा मछली मार्केट का निर्माण शुरू कराया गया। तभी पास के कुछ लोगों ने मछली मार्केट निर्माण पर विरोध जताया और निर्माण कार्य बंद करवा दिया। तब से लेकर आज तक निर्माण शुरू नहीं हो सका। ठेकेदार द्वारा करीब 67 हजार 830 रुपये खर्च किया गया। बाकी धनराशि तीन लाख 57 हजार 170 रुपये शासन को वापस हो गया। इस संबंध में चेयरमैन अशोक चौहान ने कहा कि लोगों की मांग जायज है। सभी लोगों को आपसी सहमति से मछली मार्केट का निर्माण कराना चाहिए।

Posted By: Jagran

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