-मंडलीय समीक्षा :::

-बार-बार निर्देश के बाद भी लंबित परियोजनाओं की प्रगति अत्यंत खराब

-पुरानी रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर एक्सईएन आवास विकास परिषद से स्पष्टीकरण

-बलिया में 10 बड़े बकाएदारों वसूली किए जाने को एडीएम को निर्देश

जागरण संवाददाता, आजमगढ़: मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को कार्यालय सभागार में 50 लाख व उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं के साथ ही 50 करोड़ से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों और कर करेत्तर एवं अन्य राजस्व कार्यों के प्रगति की समीक्षा की।

समीक्षा पाया गया कि पैकफेड (कार्यदायी संस्था) के स्तर पर अधिक परियोजनाएं लंबित हैं। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रगति अत्यंत खराब है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि पैकफेड को भविष्य में कोई कार्य न दिए जाने के बिदु पर विचार करने के लिए शासन को पत्र प्रेषित किया जाए। आजमगढ़ में सीएचसी कुशलगांव सहित अन्य परियोजनाओं के संबंध में कार्यदायी संस्था आवास एवं विकास परिषद ने अद्यतन रिपोर्ट के बजाय पुन: पुरानी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि कार्यों को तत्काल शुरू कराएं। नियमित रूप से समीक्षा कर समय से पूरा कराएं। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया तहसील सगड़ी अंतर्गत घाघरा नदी के दाएं तट पर गांगेपुर मठिया रिग बांध के नवनिर्माण में गति लाएं और मानक के अनुरूप कार्य समय से पूरा कराएं। संयुक्त विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि जल निगम के स्तर पर कुल कार्यों, पूर्ण कार्यों, निर्माणाधीन कार्यों, पाइप लाइन आदि का विवरण अधीक्षण अभियंता जल निगम से प्राप्त कर उपलब्ध कराएं। जिससे उसका सत्यापन कराया जा सके। कमिश्नर ने कहाकि कहा कि बलिया में 10 बड़े बकाएदारों में कुछ काफी पुराने हैं। उन्होंने एडीएम बलिया को इस ओर विशेष ध्यान देकर शीघ्र वसूली कराए जाने का निर्देश दिया। इसी प्रकार मऊ में अमीनों द्वारा की गई वसूली के अंकन में भी विसंगति को दूर करने के लिए निर्देशित किया। अपर आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार मिश्र, संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, मऊ के एडीएम केहरी सिंह, बलिया के एसडीएम राम आसरे, सीआरओ हरीशंकर, पीडब्ल्यूडी मऊ के अधीक्षण अभियंता एके मणि, मंडलीय अर्थ एवं संख्या अधिकारी डा. नीरज श्रीवास्तव सहित संबंधित मंडलीय व जिला स्तरीय अधिकारी थे।

Edited By: Jagran