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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आकांक्षा पारे को दिया गया कृष्ण प्रताप कथा सम्मान 2019

By JagranEdited By:
Published: Thu, 28 Nov 2019 08:29 PM (IST)Updated: Thu, 28 Nov 2019 11:20 PM (IST)

जासं सगड़ी (आजमगढ़) सगड़ी तहसील क्षेत्र के रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा में कृष्ण प्रताप कथा सम्मान वर्ष 2019 का आयोजन ...और पढ़ें

आकांक्षा पारे को दिया गया कृष्ण प्रताप कथा सम्मान 2019
आकांक्षा पारे को दिया गया कृष्ण प्रताप कथा सम्मान 2019

जासं, सगड़ी (आजमगढ़): सगड़ी तहसील क्षेत्र के रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा में कृष्ण प्रताप कथा सम्मान वर्ष 2019 का आयोजन गुरुवार को किया गया। जिसमें आकांक्षा पारे काशिव की बहत्तर धड़कने तिहत्तर अरमान कहानी के लिए कृष्ण प्रताप कथा सम्मान वर्ष 2019 दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल, नरेंद्र दुबे, प्रियदर्शन मालवीय व अध्यक्ष बीएन राय का हिना देसाई ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। प्रो. चमनलाल व वीएन राय ने कृष्ण प्रताप कथा सम्मान, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्रम व बुकें भेंट कर आकांक्षा पारे काशिव को सम्मानित किया। वहीं नरेंद्र पुंडरीक ने कृष्ण प्रताप कथा सम्मान वर्ष 2019 का प्रशस्ति पत्र पढ़कर लोगों को सुनाया। विशिष्ट अतिथि व वरिष्ठ आलोचक भारत भारद्वाज ने कहा कि जिन लोगों ने अपनी विषय-वस्तु कथा भाषण और कथा शैली से महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। प्रसिद्ध कथाकार प्रो. चमनलाल प्रसिद्ध ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि एक अच्छे लेखक को मेरे हाथों कृष्ण प्रताप कथा सम्मान वर्ष 2019 मिला। वहीं आकांक्षा पारे काशिव ने अपनी बहत्तर धडकने तिहत्तर अरमान के लिए सम्मान मिलने पर आभार व्यक्त किया और कहा कि यह कहानी मुस्लिम लड़की और हिदू लड़के की प्रेम कहानी है जो शादी के उपरांत संघर्ष और अंत में आपसी सहमति से तलाक बिना किसी विवाद के होती है। अध्यक्षता पूर्व कुलपति विभूति नारायण राय व संचालन जयप्रकाश धूमकेतु के द्वारा किया गया। इस अवसर पर बीएन राय, भारत भारद्वाज, वरिष्ठ आलोचक एवं प्रो. नीरज खरे सहित आदि उपस्थित थे।