आजमगढ़ में एक दिन की डीएम बनीं खुशी, जनता दर्शन में सुनी फरियादियों की समस्याएं, अधिकारियों को निराकरण के दिए निर्देश
मिशन शक्ति-6 के तहत आजमगढ़ में कक्षा 12 की मेधावी छात्रा खुशी सिंह को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनाया ...और पढ़ें

आजमगढ़ में मिशन शक्ति के तहत खुशी सिंह बनीं एक दिन की जिलाधिकारी।
HighLights
कक्षा 12 की छात्रा खुशी सिंह बनीं एक दिन की डीएम।
जनता दर्शन में सुनीं फरियादियों की समस्याएं, दिए निर्देश।
मिशन शक्ति-6 के तहत बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। शारदीय नवरात्र में मातृशक्ति के सम्मान और बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति-6 के तहत गुरुवार को एक विशेष पहल की गई। बद्दोपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की मेधावी छात्रा खुशी सिंह को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनाया गया।
जिलाधिकारी की भूमिका में खुशी ने जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस पहल से छात्रा का उत्साह बढ़ा, वहीं फरियादियों के चेहरों पर भी खुशी नजर आई। शहर से सटे बद्दोपुर गांव के राजेश सिंह की पुत्री खुशी सिंह एक दिन की जिलाधिकारी की जिम्मेदारी मिलने पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझा।
जनता दर्शन में पहुंचे लोगों ने उनके सामने अपनी समस्याएं रखीं। खुशी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से उसके समाधान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मिशन शक्ति-6 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से परिचित कराना है।
एक दिन की जिलाधिकारी बनकर खुशी सिंह को यह समझने का अवसर मिला कि आमजन की समस्याओं के समाधान में प्रशासन की क्या भूमिका होती है और शिकायतों के निस्तारण के लिए विभिन्न विभाग किस प्रकार काम करते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बेटियां भी अवसर मिलने पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा सकती हैं। शिक्षा, आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर वे समाज और प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकती हैं।
नवरात्र में मातृशक्ति के सम्मान का संदेश
शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस पहल ने महिला सशक्तीकरण और बालिकाओं के सम्मान का संदेश दिया। खुशी सिंह के लिए यह अनुभव न केवल गौरवपूर्ण रहा, बल्कि भविष्य में बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देने वाला भी बना।
मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। खुशी सिंह को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपना इसी दिशा में एक प्रेरक कदम रहा। इस पहल ने बालिकाओं को यह संदेश दिया कि उनकी प्रतिभा और क्षमता को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
