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आजमगढ़ से न‍िकला था नेपाल घूमने, जल प्रलय में लापता होने के बाद पर‍िवार तलाशने न‍िकला तो उड़े होश

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 30 Sep 2026 05:24 PM (IST)

आजमगढ़ के शशिकांत यादव नेपाल में बाढ़ के बाद लापता हो गए थे, जिससे उनका परिवार चिंतित था। उनके भाई ...और पढ़ें

नेपाल बाढ़ में लापता आजमगढ़ का युवक गुजरात में मिला, भाई ने खोजा।

नेपाल बाढ़ में लापता आजमगढ़ का युवक गुजरात में मिला, भाई ने खोजा।

HighLights

  1. शशिकांत यादव नेपाल बाढ़ के बाद लापता हो गए थे।

  2. भाई लक्ष्मीकांत ने उन्हें चित्रकूट पहाड़ी पर खोजा।

  3. शशिकांत अब गुजरात में ट्रक चला रहे हैं।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। अहरौला विकास खंड के छितौना गांव के रहने वाले शशिकांत यादव के नेपाल में आई बाढ़ के बाद स्वजन परेशान थे। 20 अगस्त को ही शशिकांत ने अपने दोस्तों के साथ नेपाल घूमने जाने की बात पिता दशरथ यादव और छोटे भाई लक्ष्मीकांत को फोन करके बताया था। 29 अगस्त को नेपाल में बाढ़ आने की सूचना मिलने के बाद शशिकांत का परिवार परेशान था।

उसके मोबाइल पर लगातार परिवार के लोग संपर्क कर रहे थे लेकिन मोबाइल फोन भी बंद था। शशिकांत की पत्नी पूनम भी कुछ पता नहीं चलने के कारण परेशान थी। हालांकि घर के सदस्य पूनम को बार-बार बता रहे थे कि शशिकांत ठीक है और उसका जल्द ही पता चल जाएगा। शशिकांत के छोटे भाई लक्ष्मीकांत अपने भाई के करीबियों से लेकर उच्चाधिकारियों से संपर्क बनाकर तलाश कर रहे थे। इसी बीच परिवार के लोगों ने लक्ष्मीकांत से गाड़ी लेकर भाई को खोजने नेपाल जाने के लिए कहा।

शशिकांत की पत्नी पूनम और तेरह वर्षीय बेटे आयुष ने बताया कि घर के सदस्यों के बहने के बाद लक्ष्मीकांत अपने कुछ साथियों को लेकर बोलेरो गाड़ी से भाई की तलाश करने 30 अगस्त को नेपाल चले गए। वहां पर नेपाल के अधिकारियों से संपर्क करके उसके मोबाइल नंबर को ट्रेस कराया तो शशिकांत का लोकेशन नेपाल में ही चित्रकूट की पहाड़ी पर एक मंदिर के पास मिला।

इसके बाद गाड़ी को खड़ा करके छोटा भाई पैदल ही अपने साथियों के साथ चित्रकूट की पहाड़ी पर तलाश करने के लिए निकल पड़ा। कई घंटे पैदल चलने के बाद जब लक्ष्मीकांत चित्रकूट की पहाड़ी पर पहुंचा तो शशिकांत अपने भाई को देखकर आश्चर्यचकित रह गया। इसके बाद शशिकांत ने अपने भाई को डांट लगाई और कहा कि जब पहले ही फोन करके घर पर बता दिया था कि 20 दिन के लिए नेपाल घूमने जा रहा हूं, वहां से लौटकर घर आऊंगा।

बताया क‍ि यहां पर जल प्रलय के कारण मोबाइल टावर बर्बाद हो गया। इसलिए मोबाइल फोन से यहां से संपर्क नहीं हो रहा है। घबड़ाना नहीं चाहिए था, जब नेटवर्क मिलता तो खुद घर वालों को जानकारी देता। इसके बाद दोनो भाई गोरखुपर आए। गोरखपुर से शशिकांत घर नहीं आया और वहीं से गुजरात चला गया, जहां वह पहले से ही ट्रक चलाते हैं।

घर पर आज भी लोगों से बातचीत करते हैं लेकिन अभी तक घर नहीं लौटे। इसकी सूचना शशिकांत के भाई लक्ष्मीकांत ने अहरौला थाने से लेकर बूढनपुर तहसील पर एसडीएम से लेकर तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल को दस सितंबर को ही दे दिया था कि नेपाल में बाढ़ में फंसा मेरा भाई मिल गया है।

आपदा विशेषज्ञ डा. चंदन कुमार ने बताया कि पहली सितंबर को शासन से सूचना आई कि नेपाल की बाढ़ में छितौना गांव निवासी शशिकांत के गायब होने की कोई सूचना है कि नहीं, इसके बाद तहसील से लेकर थाने तक पता कराया लेकिन उसके बारे में कुछ पता नहीं चला। दो सितंबर को पता चला कि शशिकांत का लोकेशन गोरखपुर में मिला है तो तत्काल शासन को ससोधित रिपोर्ट बनाकर भेज दिया गया कि शशिकांत जीवित है और वह गुजरात में ट्रक चला रहा है।