-आयोग का निर्देश :::

-उड़नदस्ता से जब्त किए गए प्रत्येक मामले को अपनी ओर से करेगी जांच

-सभी मामलों का अवलोकन करेगी और जब्ती पर निर्णय लेगी समिति

जागरण संवाददाता,आजमगढ़: जिला निर्वाचन अधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन- 2022 के लिए पुलिस अथवा उड़नदस्ता, स्थैतिक(स्टेटिक) निगरानी टीम प्रभारी नकदी अन्य वस्तुओं की जब्ती और इन्हें छोड़े जाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया के लिए जनपद स्तर पर समिति का गठन किया गया है। जिसमें सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला (9454644684) अध्यक्ष, एडीएम एफआर आजाद भगत सिंह (9454417592) सदस्य एवं मुख्य कोषाधिकारी/नोडल अधिकारी व्यय अनुवीक्षण(8765923587) संयोजक हैं। समिति चुनाव प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग के निर्देश के समस्त प्रक्रियाओं का पालन करेगी।

डीएम ने कहाकि समिति में लगाए गए अधिकारी पुलिस अथवा स्थैतिक निगरानी दल या उड़नदस्ते द्वारा की गई जब्ती के प्रत्येक मामले को अपनी ओर से जांच करेगी। जहां समिति यह पाती है कि मानक प्रचालन प्रक्रिया के अनुसार जब्ती के सम्बन्ध में कोई प्राथमिकी,शिकायत दर्ज नहीं की गई है या जहां जब्ती किसी अभ्यर्थी या राजनीतिक दल या किसी निर्वाचन अभियान इत्यादि से जुड़ी हुई नहीं है तो वह ऐसे व्यक्तियों को जिनसे नकदी जब्त की गई थी, को ऐसी नकदी रिलीज करने के बारे में इस आशय का एक स्पीकिग आदेश जारी करने के बाद रिलीज आदेश जारी करने के लिए तत्काल कदम उठाएगी। समिति सभी मामलों का अवलोकन करेगी और जब्ती पर निर्णय लेगी। कहाकि जब्ती दस्तावेज में जब्ती के विरुद्ध अपील की प्रक्रिया का उल्लेख किया जाना चाहिए और नकदी की जब्ती के समय ऐसे व्यक्तियों की इसकी सूचना भी दी जानी चाहिए। व्यय अनुवीक्षण के नोडल अधिकारी नकदी रिलीज करने के संबंण में सभी प्रकार की सूचना का एक रजिस्टर में रख-रखाव करेंगे। यह रजिस्टर क्रमांकित और तिथिवार होगा और इसमें अवरुद्ध व जब्त नकदी की राशि और संबंधित व्यक्तियों को छोड़ दिए जाने की तारीख का विवरण होगा।

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आय कर के नोडल अधिकारी को देनी होगी सूचना:::

यदि रिलीज की गई नकदी 10 (दस) लाख रुपये से अधिक है, तो रिलीज किए जाने से पहले आयकर के नोडल अधिकारी को सूचित किया जाएगा। उड़न दस्ते, एसएसटी या पुलिस प्राधिकारियों द्वारा की गई नकदी आदि की जब्ती के सभी मामले तत्काल जिले में गठित समिति के ध्यान में लाए जाएंगे और समिति नियमानुसार कार्रवाई करेगी।

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सात दिन से अधिक समय तक लंबित नहीं रखें जाएंगे मामले:::

किसी भी परिस्थिति में जब्त की गई नकदी व जब्त की गई बहुमूल्य वस्तुओं से संबंधित मामले, मालखाना या कोषागार में मतदान की तारीख के पश्चात सात दिनों से अधिक समय के लिए तब तक लंबित नहीं रखे जाएंगे। जब तक कि कोई प्राथमिकी व शिकायत न दर्ज की गई हो। उन्होंने कहा कि यह रिटर्निंग अधिकारी का उत्तरदायित्व होगा कि वे ऐसे सभी मामलों को अपीलीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करें और अपीलीय समिति के आदेशानुसार नकदी व बहुमूल्य वस्तुओं को रिलीज करें।

Edited By: Jagran