आजमगढ़ : संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार व सूत्रधार संस्था के तत्वावधान में 90 दिवसीय नौटंकी कार्यशाला शुरू हो गई। इसमें देश के प्रतिष्ठित नौटंकी विशेषज्ञ आतमजीत ¨सह, उर्मिल थपलियाल व पंडित रामदयाल शर्मा शामिल होंगे और रंग प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देंगे। सरदार इंटर कालेज सरदहा बाजार में चित्रकला के प्रवक्ता व संस्कार भारती काशी प्रांत के उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश शासन कला, लोक कला, जनजाति संस्कृति अनुभाग (राज्यपाल द्वारा नामित सदस्य) हीरालाल शर्मा ने दूसरे दिन की कार्यशाला का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से नारियल फोड़कर किया। रंग प्रशिक्षुओं को लोक कला के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की लोक परंपरा व लोक संस्कृति काफी पुरानी और समृद्ध रही है। वर्तमान में इसकी जगह शोर-शराबे वाली संगीत ने ले ली है। इसलिए हमें अपनी संस्कृति को बचाना चाहिए और उसे संरक्षित और संवर्धित करना होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोक नृत्य धोबिया, कहरवा, जांघिया, पंवरिया आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दीं। ममता पंडित और अभिषेक पंडित द्वारा आयोजित नौटंकी कार्यशाला की तारीफ की। कहा कि यह नौटंकी कार्यशाला अपनी लोक कलाओं को संरक्षित और संवर्धित करने का बहुत ही अच्छा प्रयास है। इस अवसर पर संस्था के वरिष्ठ रंगकर्मी डीडी संजय ने अतिथि को माल्यार्पण कर सम्मानित किया।

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