-छठवें दिन भी::::

-निचले इलाकों में अभी भी भरा है पानी, जलनिकासी की व्यवस्था नाकाफी

-50 हजार की आबादी प्रभावित, गृहस्थी के सामान हो चुके हैं नष्ट

-काला हो चुका पानी संचारी रोग नियंत्रण पखवारा पर पड़ रहा भारी

जागरण संवाददाता, आजमगढ़: अतिवृष्टि से शहर के निचले इलाकों में हुए जलजमाव से अभी भी जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। शहर के चारो तरफ की लगभग 50 हजार आबादी प्रभावित है लेकिन जलनिकासी के लिए नगर पालिका प्रशासन की तरफ से की जा रही व्यवस्था छठवें दिन भी नाकाफी साबित हुई है। लोगों की घरों में पानी अभी भी लगा है। काफी संख्या में कालोनियां पानी से घिरी हैं। अब स्थिर हो चुका बारिश का पानी संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर भारी पड़ने लगा है।

शहर के बागेश्वर नगर से लेकर कोल बाजबहादुर, कोल पांडेय, गुरुटोला, अनंतपुरा, केंद्रीय विद्यालय हीरापट्टी से लेकर सलेमपुर मार्ग, रैदापुर कालोनी के पीछे चांदमारी कालोनी, काली चौरा, प्रह्लाद नगर ब्रह्मस्थान, अतलस पोखरा सहित शहर के निचले इलाकों में अभी भी पानी जमा है। बारिश के पानी में लोगों के गृहस्थी सामान नष्ट हो गए हैं। अब तो काला हो चुके पानी से दुर्गंध उठने लगी है। संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन की सारी कवायद फेल नजर आ रही है।उधर, नगर पालिका परिषद के ईओ विकास कुमार बागेश्वरनगर के पास छह पंप सेट लगवार कर तमसा नदी में पानी डालने की व्यवस्था करने के लिए हांफते नजर आए।

Edited By: Jagran