जागरण टीम, आजमगढ़ : वन विभाग की तरफ से जिले में 65 लाख लगाए गए पौधों में तमाम तमसा की बाढ़ के शिकार हो गए वहीं कुछ जगहों पर पशुओं ने नष्ट कर दिया। इसकी वजह से पौधारोपण कर जनपद को हरा-भरा बनाने का सपना अधूरा रह गया। इन पौधों को नवजीवन देने के लिए रविवार को कई सामाजिक संस्थाएं आगे आई। पौधारोपण के संग उसकी देखरेख की जिम्मेदारी ली गई। इतना ही नहीं इस कार्य में ग्रामीण भी बढ़चढकर हिस्सा लिए।

जागरण की ओर इन पौधें को संजीवनी देने के लिए अभियान चलाया गया। पूर्वांचल विकास आंदोलन, प्रयास संगठन, भारत रक्षा दल समेत तमाम संगठन आगे आए हैं। प्रयास संगठन के लोगों ने तो रविवार को जागरण अभियान से खुद को जोड़ते हुए तमसा के तट पर सूख चुके पौधों के स्थान पर नया पौधे लगाए। पूर्वांचल विकास आंदोलन के संयोजक प्रवीण सिंह, संतोष सिंह ने कहा कि हर हाल में पौधों को जीवित किया जाएगा। प्रयास संस्था के रणजीत सिंह ने कहा कि उनकी तरफ से तमाम पौधे शहर में लगाए गए हैं। उनकी सुरक्षा के लिए लोहे के बाड़े लगाए गए हैं। इन्हें जीवित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी हमारा प्रयास जारी रहेगा। पौधों को वयस्क कर लोक को सौंपने के संकल्प के साथ ही अब तक नगर भर में 157 फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया गया है।सामाजिक संगठन प्रयास के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने बताया कि 200 पौधों को रोपकर बड़ा करने का संकल्प शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। यह कार्य पूरी तरह जन सहयोग से पूरा होगा। पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड का भी इंतजाम होगा।

Posted By: Jagran

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