-प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सकों की हुई बैठक

- नए प्रयोग के लिए राजनीतिज्ञों व ब्यूरोक्रेसी पर लगाए कई आरोप जागरण संवाददाता, बलरामपुर (आजमगढ़) : प्रदेश सरकार के एमबीए डिग्री धारकों को चिकित्सा संवर्ग में प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति देने के विरोध में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने बैठक कर सशर्त सामूहिक त्यागपत्र देने का मन बनाया है।

मंडलीय जिला चिकित्सालय में मंगलवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की बैठक में चिकित्सकों ने सहमति बनाई है। एकजुटता दिखाने को मीटिग में अधिकांश चिकित्सक पहुंचे थे।

वक्ताओं ने कहाकि चिकित्सक का कार्य मानव जीवन को बचाने का है। यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील है। इसके लिए चिकित्सक विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं। इसका मूल्यांकन चिकित्सक संवर्ग का अधिकारी ही कर सकता है। लेकिन उसके बाजवूद राजनीतिज्ञ व ब्यूरोक्रेसी से जुड़े लोग चिकित्सा संवर्ग पर अनावश्यक एवं अव्यवहारिक प्रयोग किए जा रहे हैं, जो असफल हो रहे हैं। ऐसे नीतिगत फैसले में चिकित्सक संवर्ग से सलाह भी नहीं ली जाती है। इस संवर्ग की हालत ऐसी बना दी गई है कि कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक संवर्ग को ज्वाइन नहीं करना चाहता है। सेवारत लोग स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेना चाहते हैं। वक्ताओं ने कहाकि कोविड-19 महामारी से सबक लेते हुए सरकार और ब्यूरोक्रेसी के लोगों को आत्ममंथन कर ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे विशेषज्ञ चिकित्सक इस संवर्ग की ओर आकर्षित हों। भयमुक्त होकर पूरी ऊर्जा के साथ मरीजों को अपनी सेवा दे सकें।

डा. विनय सिंह यादव, डा. राजनाथ, डा. धनंजय पांडेय, डा. आरएस मौर्य, डा. देवानंद यादव, डा. अच्युतानंद राय, डा. अर्पित अग्रवाल, डा. निर्मल कुमार सिंह, डा. पूनम कुमारी, डा. शिव आरती यादव, डा. एके शाह आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran