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-रात-दिन रीफिलिग के बाद सरकारी व निजी अस्पतालों में आपूर्ति जारी

-स्टॉक में दो दिन के लिए अभी 7.50 टन एलएमओ

-प्रशासन सक्रिय, पटने लगी मांग-आपूर्ति की खाई जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : जिले में मंगलवार की रात लगभग 12 बजे बोकारों से पांच टन और एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) से भरा टैंकर पहुंचा। जिससे देख आक्सीजन की व्यवस्था में लगे अफसरों की जान में जान आ गई। ऑक्सीजन की कमी से कइयों की कमजोर पड़ने वाली सांसों को संजीवनी मिल गई। एलएमओ एकरामपुर फैक्ट्री पहुंचा तो सिलिडरों की रिफिलिग का रात दिन चल रहा है। बुधवार को जिले के सभी सरकारी, निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम के अलावा होम क्वारंटाइन कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के यहां आपूर्ति जारी रही।

डिमांड एवं आपूर्ति के बीच मंगलवार की सुबह पहुंची नौ टन सहित इस समय स्टॉक में 7.50 टन एलएमओ शेष है, जो अभी दो दिन की आपूर्ति के लिए काफी है। उधर, रात-दिन मजूदर रिफीलिग के कार्य में लगे हैं। लगातार आपूर्ति जारी होने से धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती जा रही है। अब आक्सीजन की किल्लत नहीं रह गई है। सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर ने बताया कि बोकारों से एलएमओ आपूर्ति के लिए बराबर संपर्क बना है। दो दिन बाद पुन: आपूर्ति हो जाएगी। बताया कि आज राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं सुपर फैसिलिटी हॉस्पिटल में मांग के सापेक्ष 190 के अलावा 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया, एवं मंडलीय अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम को को उनकी क्षमता के हिसाब से ही आवंटन किया गया है।

Edited By: Jagran