आजमगढ़ में साइबर ठगों ने मोबाइल हैक कर अलग-अलग खातों से निकाले 10.84 लाख रुपये
आजमगढ़ में साइबर ठगों ने दो अलग-अलग घटनाओं में मोबाइल हैक कर और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा ...और पढ़ें

आजमगढ़ में मोबाइल हैकिंग और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी से 10.84 लाख की ठगी। (AI Image)
HighLights
आजमगढ़ में साइबर ठगों ने 10.84 लाख रुपये की ठगी की।
वरिष्ठ नागरिक पत्र बनवाने के बहाने मोबाइल हैक कर पैसे निकाले।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर भी धोखाधड़ी हुई।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। कोतवाली थाना क्षेत्र के पठखौली गांव निवासी राजाराम यादव से साइबर ठगों ने वरिष्ठ नागरिक पत्र बनवाने का झांसा देकर 9.47 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। राजाराम ने तहरीर देते हुए पुलिस को बताया कि 28 सितंबर की शाम करीब छह बजे उनके मोबाइल पर वरिष्ठ नागरिक पत्र बनवाने से संबंधित संदेश आया।
संदेश खोलने के बाद बैंक आफ इंडिया का फार्म खुलकर आया। वरिष्ठ नागरिक पत्र बनवाने के लिए फार्म भरकर अपलोड करते ही खाते से 4,78,500 रुपये और खाते से जुड़े क्रेडिट कार्ड से 4,68,759.26 रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 9,47,259.26 रुपये की ठगी हुई। ठगी का पता चलते ही तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दो शिकायतें दर्ज कराई हैं।
उन्होंने साइबर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर रकम वापस कराने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि साइबर अपराधियों ने एपीके फाइल भेज कर मोबाइल हैक कर लिया था। इसके बाद खाते से धनराशि की निकासी कर लिया।
क्रेडिट कार्ड से 1.34 लाख की आनलाइन ठगी
अतरौलिया थाना क्षेत्र के मोराजपुर खुर्द गांव निवासी योगेश कुमार त्रिपाठी के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने 1,34,467 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। योगेश ने बताया कि वह एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं। 23 सितंबर को शाम करीब 4:13 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से काल आई।
फोन करने वाले ने कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर उन्हें एक लिंक भेजा। लिंक खोलने के बाद एक फार्म खुलकर सामने आया, उसे भरते ही कार्ड से 1,34,467 रुपये की धनराशि कट गई। जानकारी होने पर उन्होंने तत्काल बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क कर कार्ड बंद कराया। साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।
