आजमगढ़ में पांच मौतों का सुनील की बेचैन आत्मा से सामने आया कनेक्शन, हत्या की थ्योरी से हर कोई हैरान
आजमगढ़ के अहरौला में एक पूजा के दौरान हुए विवाद में पांच लोगों की मौत हो गई। आरोपी अरविंद ने ...और पढ़ें
HighLights
आजमगढ़ में पूजा के दौरान विवाद में पांच लोगों की मौत।
आरोपी अरविंद ने पत्नी, दो पुरोहितों और बेटे को गोली मारी।
पुलिस मुठभेड़ में आरोपी ढेर, बाल ठाकरे से जुड़ा मामला।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। अहरौला के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार की शाम पूजा-पाठ के दौरान विवाद आखिरकार पांच मौतों से शांत हो सका। इस वारदात आरोपी ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी। तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपित अपने आठ वर्षीय पुत्र शौर्य, नौ वर्षीय पुत्री परी और छह माह की बच्ची को लेकर मकान के एक कमरे में बंद हो गया।
सूचना पर डीआइजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डा. अनिल कुमार समेत छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों तरफ से घेर लिया। देर शाम तक पुलिस आरोपित से दरवाजा खुलवाने का प्रयास करती रही। बच्चों के कमरे में होने के कारण पुलिस बेहद सतर्कता से कार्रवाई कर रही थी। रात दस बजे तक आरोपित घर के बाहर नहीं निकला।
देर रात करीब 12.55 बजे एटीएस के साथ हुई मुठभेड़ में हत्यारोपित को कई गोली लगी है, पुलिस उसे इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंची है। पत्नी और दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या करने वाला अरविंद भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपित ने अपने बेटे शौर्य को भी गोली मार दी थी, इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला कि हत्यारोपी अरविंद सिंह के भाई की हत्या 2018 में हुई थी। बाहर रहकर काम करता था। वह घर आया था तो सुनील की हत्या का आरोप करीबी संबंधियों में मनीष और अवनीश पर लगा था। सुनील के रसूख की वजह से जलन की बातें भी सामने आई थीं। हालांकि हत्या के बाद से ही घर में अशांति का माहौल रहने लगा था।
इसी बीच पुजारियों ने बबिता को बताया कि सुनील की आत्मा घर में रहती है इसलिए परेशानियां बनी हुई हैं। देवर की आत्मा की शांति के लिए पूजा पाठ कराने से सब ठीक हो जाएगा। इसी क्रम में पूजा का आयोजन किया गया था और हत्यारे ने ढोंगी कहते हुए दो पुजारियों और पत्नी की हत्या करने के बाद बेटे को भी गोली मार दी इसके बाद मुठभेड़ में वह भी ढेर कर दिया गया।
आठ साल पहले बड़े भाई सुनील की हुई थी हत्या
शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार को हुई तीन हत्याओं के पीछे परिवार की पुरानी परिस्थितियां भी चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अरविंद सिंह के बड़े भाई सुनील सिंह उर्फ गुड्डू की वर्ष 2018 में गांव के मंदिर में पूजा के बाद आयोजित भंडारे के दौरान हत्या कर दी गई थी। सुनील सुरक्षा का काम करता था, जबकि अरविंद कोई नियमित काम नहीं करता था।
लोगों के अनुसार मंगलवार की घटना में इस्तेमाल किया गया लाइसेंसी हथियार पहले सुनील के नाम था। बाद में उसका स्थानांतरण अरविंद के नाम हो गया था। बेटे की हत्या के बाद मां शमला देवी अक्सर चिंता में रहती थीं। लोगों के अनुसार, उन्हें आशंका रहती थी कि घर में किसी ने कुछ करा दिया है। इसके बाद से ही पूजा कराने की मंशा से शांति की कामना करते हुए यह आयोजन कराना तय हुआ था।
लोगों ने बताया कि अरविंद नशे का लत भी था और घटना वाले दिन भी वह नशे में था। लोगों के अनुसार, उसकी नशे की लत छुड़ाने और घर में शांति के लिए ही पांच दिवसीय पूजा का आयोजन कराया जा रहा था। अरविंद के बड़े भाई सुनील की पत्नी ममता दिल्ली में किसी कंपनी में काम करती हैं। उनकी दोनों बेटियां अपनी दादी शमला देवी के साथ शंभूपुर गहजी गांव में रहती थीं।
