जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : कलक्ट्रेट सभागार में रविवार की दोपहर विवेचना की गुणवत्ता में सुधार हेतु कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने पाक्सो एक्ट के मुकदमे की विवेचना तीन माह में पूर्ण करने का निर्देश दिया।

कार्यशाला की शुरुआत जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डीएम व एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में मौजूद विवेचनाधिकारियों को बताया गया कि वे विवेचना में कैसे सुधार करें और कैसे गुणवत्ता पूर्ण विवेचना करें जिससे अपराधियों को कोर्ट से सजा दिलाई जा सके। विवेचना करने से पूर्व सभी साक्ष्य व सबूत का भी विवेचना में उल्लेख कर गवाहों के भी बयान लिए जाएं, ताकि गवाही के समय वे अपने बयान से मुकर न सके। ठोस सबूत व साक्ष्य से ही अपराधी को सजा हो सकती है। गुणवत्तापूर्ण विवेचना के लिए थाने से आए सब इंस्पेक्टरों को प्रशिक्षित भी किया गया। एसपी ने समस्या के समाधान के साथ ही राजस्व मामले के निस्तारण कराने के लिए भी दिशा निर्देश दिया। कार्यशाला में संयुक्त निदेशक अभियोजन वेदप्रकाश वर्मा, सेवानिवृत्त अपर निदेशक अभियोजन बीके राय, एपीओ सेराज अहमद, विधि विशेषज्ञ, जिला व अपर शासकीय अधिवक्ता अभियोजन के अलावा अधिवक्ता भी मौजूद रहें।

Posted By: Jagran

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