जागरण संवाददाता, आजमगढ़: 17वीं लोकसभा चुनाव के लिए पड़े मतों की गणना 23 मई की सुबह आठ बजे से प्रारंभ होगी। मतगणना स्थल पर प्रत्येक विधानसभावार एक वीवीपैट काउंटिग बूथ बनाया जाएगा। जिस पर सिर्फ वीवीपैट की पर्चियों की गणना की जाएगी। मंगलवार को विकास भवन के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डीएस उपाध्याय की अध्यक्षता में वीवीपैट की पर्चियों की गणना करने वाले कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया।

राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर इंजीनियर कुलभूषण सिंह ने बताया कि यदि किसी कंट्रोल यूनिट (सीयू) का रिजल्ट प्रदर्शित नहीं हो रहा है तो उससे संबंधित वीवीपैट की पर्चियों की गणना की जाएगी। साथ ही वीवीपैट के पर्चियों की गणना के लिए यदि आरओ द्वारा 56(डी) के अंतर्गत कोई आदेश दिया गया हो तो उस वीवीपैट की पर्चियों की गणना, जहां सीआरसी कराए बिना ही मतदान करा दिया गया है। उस कंट्रोल यूनिट से संबंधित वीवीपैट के पर्चियों की गणना की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभावार पांच वीवीपैट का लाटरी द्वारा चयन किया जाएगा। उसके बाद उस वीवीपैट के पर्चियों की गणना की जाएगी। बताया कि एक संसदीय क्षेत्र में पांच वीवी पैट गिनती को पार्टियां होंगी जिसमें एक गणना पर्यवेक्षक, दो गणना सहायक और एक माइक्रोआब्जर्वर होंगे। इसके अलावा एक पार्टी रिजर्व में रहेगी। विधानसभावार पांच पांच वीवी पैट की गणना बारी बारी होगी। उन्होंने बताया कि अंतिम परिणाम वीवीपैट की पर्चियों के मिलान के बाद ही घोषित किया जाएगा।

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Posted By: Jagran