आजमगढ़ का नाम एक बार फिर आतंकवाद से जुड़ा, साजिश रच रहे चार आतंकियों की गिरफ्तारी में खुलासा
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने देश विरोधी साजिश रच रहे चार आतंकियों को आजमगढ़, बिहार, भुवनेश्वर और मुंबई से गिरफ्तार ...और पढ़ें

आजमगढ़ कनेक्शन: दिल्ली पुलिस ने चार आतंकियों को दबोचा, देश विरोधी साजिश का खुलासा।
HighLights
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने चार आतंकियों को गिरफ्तार किया।
आजमगढ़ सहित चार शहरों से हुई इनकी गिरफ्तारी।
रिमोट कंट्रोल आईईडी बनाने का सामान भी बरामद हुआ।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़/नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार आतंकियों को अलग अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है, जो देश के खिलाफ एक बड़ी साजिश रच रहे थे। ये आतंकवादी आजमगढ़, बिहार, भुवनेश्वर और मुंबई से पकड़े गए हैं। गिरफ्तार किए गए आतंकियों में मोसैब अहमद उर्फ सोनू, मोहम्मद हमाद, शेख इमरान और मोहम्मद सोहेल शामिल हैं। इस लिहाज से एक बार फिर आतंकी साजिश में आजमगढ़ का नाम सामने आया है।
गिरफ्तार किए गए मोसैब अहमद उर्फ सोनू का आजमगढ़ जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुरआईमा सरदहा का संपर्क सामने आया है। मूल निवासी वह यहीं का है। घर पर हालांकि कोई नहीं रहता है। 15 साल पूर्व ही घर बेचकर परिवार बाहर रहने लगा है। जबकि मुख्य आरोपी मोसैब के मुंबई में रहने की जानकारी पड़ोसियों ने दी है।
गिरफ्तार आतंकियों में से एक के पास दो रिमोट कंट्रोल आइईडी बनाने का सामान भी बरामद हुआ है। ये आतंकवादी इंटरनेट मीडिया पर विभिन्न ग्रुपों के जरिए डिजिटल स्लीपर सेल को जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इन ग्रुपों में खिलौने वाली कार में बम बनाने की विधि, बाल बेयरिंग, रिमोट और कीलें आदि के माध्यम से बम तैयार करने की जानकारी साझा की जा रही थी। इस बारे में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पूरा प्रकरण उजागर किया है।
इन आतंकियों के चैट से यह भी पता चला है कि वे जिहाद और गजवा-ए हिंद से प्रभावित थे। वे इंटरनेट मीडिया पर आतंकी संगठनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने के लिए भी सक्रिय थे। हाल ही में, खिलौनों के माध्यम से दिल्ली में कई स्थानों पर धमाके करने की योजना का भी पर्दाफाश हुआ था।
गिरफ्तार आतंकियों में शेख इमरान ने दिसंबर 2025 में दिल्ली के संवेदनशील इलाकों की रेकी की थी। उसने लाल किले की एक फोटो इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की थी, जिसमें एडिटिंग के जरिए किले के ऊपर 'काला झंडा' दिखाया गया था। यह स्पष्ट है कि ये आतंकवादी देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए गंभीर योजनाएँ बना रहे थे।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में गहन जांच की है और यह सुनिश्चित किया है कि इन आतंकियों के नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट किया जाए। पुलिस ने बताया कि ये आतंकवादी न केवल अपने स्थानीय क्षेत्रों में, बल्कि पूरे देश में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इन आतंकियों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि उनके अन्य सहयोगियों और संभावित हमलों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके। यह घटना एक बार फिर से यह साबित करती है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सतर्कता और सक्रियता कितनी महत्वपूर्ण है। हालांकि आजमगढ़ के आरोपित को लेकर स्थानीय पुलिस भी सक्रियता दिखा रही है।
