आजमगढ़ में ऐतिहासिक लखराव पोखरे पर दिखेगी 66 साल पुरानी परंपरा की झलक, शरद पूर्णिमा पर लगेगा मेला और दंगल
आजमगढ़ के ऐतिहासिक लखराव पोखरे पर शरद पूर्णिमा को 66 साल पुरानी परंपरा के तहत मेला और दंगल का आयोजन होगा। मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
लखराव पोखरे पर 66 साल पुरानी मेला-दंगल परंपरा का आयोजन।
शरद पूर्णिमा पर आजमगढ़ में भव्य मेला और दंगल।
सुरक्षा, साफ-सफाई, पानी सहित सभी व्यवस्थाएं की गईं।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। कस्बे के ऐतिहासिक लखराव पोखरे पर शरद पूर्णिमा (रविवार) को 66 साल पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए मेला व दंगल का आयोजन होगा। मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कस्बे के विभिन्न वार्डों में अलग-अलग समितियों द्वारा 15 स्थानों पर देवी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अच्छेलाल व व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि मेले व दंगल में गैर जनपदों से दुकानदार व पहलवान आते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल के अलावा मेले में वालंटियर भी तैनात रहेंगे।
ईओ विक्रम ने कहा कि मेला व दंगल स्थल और पोखरे के पक्के घाटों सहित कस्बे के विभिन्न वार्डों में स्थापित देवी प्रतिमा स्थलों पर डोर-टू-डोर अभियान चलाकर मेले से पूर्व साफ-सफाई व स्प्रे छिड़काव करा दिया गया है।
मेले के दिन नगर पंचायत द्वारा दूर-दराज से आए लोगों के लिए पानी के टैंकर, मेला स्थल की सभी स्ट्रीट लाइटों के अलावा अतिरिक्त जनरेटर और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही नगर पंचायत कार्यालय में ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाया जाएगा। मेले के दौरान सफाई नायक व सफाई कर्मचारी ड्रेस में तैनात रहेंगे।
