आजमगढ़ में पति ने चाकू से की पत्नी की नृशंस हत्या, बच्चे ने पुलिस को दी सूचना
आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र में सुनील यादव ने घरेलू कलह के चलते अपनी पत्नी सुनीता की चाकू से हत्या कर दी। रात करीब 12 बजे विवाद बढ़ने पर सुनील ने सुनीता पर हमला किया। बच्चों के शोर मचाने पर भी पड़ोसी मदद के लिए नहीं आए। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। तरवां थाना क्षेत्र के महुआरी मठिया गांव में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां घरेलू कलह के चलते पति सुनील यादव ने अपनी पत्नी सुनीता यादव (35 वर्ष) की हत्या कर दी। यह घटना रात करीब 12 बजे हुई, जब दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आवेश में आकर पति ने पहले पत्नी को जमकर मारा और फिर चाकू से हमला कर दिया।
आरोपी ने पत्नी के गले पर पेंचकस से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान घर में मौजूद तीन बच्चे हर्ष यादव (16), अंशिका यादव (14) और प्रिंस यादव (8) - सहम गए। घटना के दौरान बच्चों ने शोर मचाया, लेकिन आसपास के पड़ोसी भी मदद के लिए नहीं पहुंचे।
घटना की सूचना दंपति के बड़े बच्चे ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जनपद मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने जांच की और साक्ष्य एकत्र किए।
एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी पति सुनील को हिरासत में ले लिया गया है। मृतका के परिजनों की तहरीर पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि आरोपी की खरिहानी बाजार में दुकान है।
इस घटना ने क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में बढ़ती हिंसा और घरेलू कलह का संकेत देती हैं। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने शोर सुना, लेकिन किसी ने भी मदद के लिए आगे आने की हिम्मत नहीं जुटाई।
इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि क्या समाज में ऐसे मामलों के प्रति संवेदनशीलता कम हो गई है। क्या हम अपने आसपास हो रही हिंसा को अनदेखा कर रहे हैं? यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें एक-दूसरे की मदद करने के लिए आगे आना चाहिए।

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