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आजमगढ़ की पहली हाईटेक नर्सरी को मिली स्वीकृति, हर साल तैयार होंगे पंद्रह लाख पौधे

Published: Mon, 14 Sep 2026 06:15 PM (IST)

आजमगढ़ के लालगंज में राजकीय पौधशाला में मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल (हाईटेक नर्सरी) के निर्माण को शासन से स्वीकृति मिल गई है।

जिले की पहली हाईटेक नर्सरी को मिली स्वीकृति।

जिले की पहली हाईटेक नर्सरी को मिली स्वीकृति।

HighLights

  1. लालगंज में हाईटेक नर्सरी निर्माण को शासन से स्वीकृति।

  2. प्रतिवर्ष पंद्रह लाख रोगमुक्त सब्जियों के पौधे होंगे तैयार।

  3. किसानों को कम दर पर मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण पौधे।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लालगंज क्षेत्र के राजकीय पौधशाला में मिनी सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल (हाईटेक नर्सरी) के निर्माण को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें विभिन्न प्रकार की सब्जियों के पंद्रह लाख पौधे तैयार होंगे।

इस नर्सरी के तैयार होने के बाद से किसान यहां खुद का बीज लाकर भी पौधे तैयार कर सकेंगे। इसके साथ ही उद्यान विभाग द्वारा तैयार किए गए सब्जियों के पौधों को भी कम दर पर किसान खरीद सकेंगे।

शासन द्वारा हाईटेक नर्सरी बनाने पर एक करोड़ 28 लाख रुपये खर्च होगा। बजट आवंटित होते ही उद्यान विभाग नर्सरी को बनाने का काम शुरू कर देगा।

हाईटेक नर्सरी में किसान अगर खुद का बीज लाकर पौधे तैयार करेंगे, तो उनसे एक रुपये एवं उद्यान विभाग द्वारा तैयार कराए गए पौधों की खरीददारी करने पर पौने दो रुपये लिए जाएंगे। नर्सरी में विभिन्न प्रकार की सब्जियों के प्रतिवर्ष पंद्रह लाख पौधे तैयार होंगे। नर्सरी में तैयार पौधे पूरी तरह से रोग और कीट मुक्त होंगे।

पारंपरिक तरीके के मुकाबले हाईटेक नर्सरी में पौधे जल्दी तैयार होते हैं। नर्सरी में तैयार होने वाले पौधे नियंत्रित वातावरण में तैयार होंगे। राजकीय पौधशाला में पांच हेक्टेयर जमीन है, इसमें दो हेक्टेयर में नर्सरी बनाई जाएगी।

हाइटेक नर्सरी में तैयार सब्जियों के गुणवत्तायुक्त पौधे किसानों को मिलेंगे। पूर्व में भी प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन किन्ही कारणों से उसे स्वीकृति नहीं मिली। बजट मिलते ही नर्सरी का कार्य शुरू करा दिया जाएगा, ताकि किसानों को जल्द से जल्द सब्जियों के पौधों को उपलब्ध कराया जा सके। -जयकरण सिंह, उप निदेशक उद्यान।