आजमगढ़ का कनेक्शन एक बार फिर आतंकवाद से जुड़ा, अलकायदा से जुड़ाव का संदेह, एटीएस ने मोहम्मद नबील को उठाया
उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ से 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को अलकायदा की विचारधारा के प्रचार-प्रसार के आरोप में गिरफ्तार ...और पढ़ें

आजमगढ़ में अलकायदा विचारधारा फैलाने वाला संदिग्ध गिरफ्तार, एटीएस ने मोहम्मद नबील को दबोचा।
HighLights
एटीएस ने आजमगढ़ से मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया।
अलकायदा की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने का आरोप।
व्हाट्सएप समूहों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीप शाखा (ए-क्यू-आइ-एस) की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने के आरोप में शनिवार को आजमगढ़ से 19 वर्षीय युवक मोहम्मद नबील को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया।
एटीएस का दावा है कि आरोपित इंटरनेट माध्यमों पर संदेश समूह बनाकर युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा था और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की योजना बना रहा था। उसके संपर्क में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ ही विदेश के लोग भी होने की बात कही गई है।
गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद नबील पुत्र मोहम्मद दानिश चितारा महमूदपुर, थाना दीदारगंज का निवासी है। एटीएस के अनुसार, सूचना मिली थी कि वह अन्य लोगों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों का षड्यंत्र रच रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद उसके विरुद्ध एटीएस थाना लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वाट्सएप पर समूह बनाकर युवाओं को जोड़ने का आरोप
एटीएस के अनुसार नबील के मोबाइल फोन की जांच में प्रतिबंधित संगठन की विचारधारा से संबंधित सामग्री मिलने का दावा किया गया है। वह वाट्सएप ग्रुप अरबी नाम से ग्रुप बनाकर उसमें युवाओं को जोड़ता था। एटीएस का कहना है कि समूह में शामिल सदस्यों को विशेष संबोधन से पुकारा जाता था और आतंकी गतिविधियों से संबंधित बातों के लिए सांकेतिक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, नबील ने समूह में अलकायदा से जुड़े आतंकी अनवर उल अवलाकी की पुस्तक साझा की थी। इसके अलावा अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीप शाखा के पूर्व प्रमुख आतंकी लाना आसिम उमर से संबंधित पुस्तक भी साझा किया था। इन सामग्री के माध्यम से युवाओं को आतंकी विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था।
विदेश में लिया था प्रशिक्षण
एटीएस ने दावा किया है कि नबील अपने साथियों के साथ पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण लेने की योजना पर बातचीत कर रहा था। जांच एजेंसी के अनुसार, आतंकी गतिविधियों से संबंधित सामग्री और विस्फोटक बनाने की जानकारी जुटाने को लेकर भी बातचीत के साक्ष्य मिले हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान के सहयोग से भारत में गजवा-ए-हिंद की योजना को लेकर बातचीत किए जाने का भी दावा किया गया है। एटीएस के अनुसार नबील कई अन्य संदेश समूहों से भी जुड़ा था, जिनमें बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब समेत विभिन्न देशों के लोग शामिल थे। इन समूहों में अलकायदा की विचारधारा का प्रचार किए जाने की बात सामने आई है।
