जासं, आजमगढ़ : दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे देश में मजदूर विरोधी कानूनों के संबंध में केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ संयुक्त श्रमिक उत्पीड़न विरोधी मोर्चा ने विरोध दिवस में समर्थन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि कोरोना वायरस के आतंक के नाम पर पूंजीपति वर्ग दबाव में अर्थ व्यवस्था को गहरी खाई में धकेल दिया है। लॉकडाउन के चलते सबसे बड़ी आफत प्रवासी मजदूरों पर आन पड़ी है। उनके आय के श्रोत व आश्रय दोनों छीनकर सड़क पर ला दिया है। निजीकरण की जगह राष्ट्रीयकरण को बढ़ावा दे।

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