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आजमगढ़ में 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 26.70 लाख की ठगी का एक और आरोपित लखनऊ से गिरफ्तार

By Saurabh Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 14 Oct 2026 07:11 PM (IST)

आजमगढ़ में 26.70 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी उमान अली को लखनऊ से गिरफ्तार ...और पढ़ें

HighLights

  1. आजमगढ़ साइबर ठगी: उमान अली लखनऊ से गिरफ्तार।

  2. पीड़ित को 13 दिन डिजिटल अरेस्ट कर धमकाया।

  3. 26.70 लाख रुपये की धोखाधड़ी, दूसरा आरोपी पकड़ा गया।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। तेरह दिनों तक घर में डिजिटल अरेस्ट कर देशद्रोह के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 26.70 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के आरोपित को बुधवार को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान उमान अली निवासी तालाब गगनी शुक्ल, लखनऊ के रूप में हुई है।

पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन, चार सिम, तीन एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और 1,770 रुपये नकद बरामद किए है। क्षेत्राधिकारी सदर कौस्तुभ त्रिपाठी ने बताया कि गंभीरपुर निवासी राधेश्याम यादव ने 12 जुलाई 2026 को साइबर थाने में तहरीर देकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।

पुलिस की विवेचना में जहांगीर का नाम प्रकाश में आया था। आरोपित जहांगीर आलम निवासी मछली माहौल, लालकुर्ती, आमीनाबाद, लखनऊ को पुलिस ने 20 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जहांगीर के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उमान अली का नाम भी प्रकाश में आया, पुलिस ने दबिश देकर बुधवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।

पीड़ित राधेश्याम ने बताया कि वह फरीदाबाद स्थित लखानी फुटवेयर कंपनी में कार्य करते थे। दो साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद वह गंभीरपुर स्थित घर पर पत्नी के साथ रहते हैं। उनके दोनों बेटे पंकज यादव और अंश यादव बाहर रहते हैं। 28 जून को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से पीडीएफ फाइल आई।

इसमें जेट एयरवेज से जुड़े नरेश गोयल के नाम का हवाला देते हुए 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला बताया गया था। फर्जी दस्तावेज में उनकी फोटो और दिल्ली के दरियागंज स्थित केनरा बैंक के फर्जी खाते का नंबर भी लिखा था।

इसके बाद एक अनजान नंबर से व्यक्ति ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बनकर फोन किया और कहा कि उनके खाते में धोखाधड़ी की धनराशि आई है। उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके बाद किसी ने दूरसंचार अधिकारी बनकर फोन किया और कहा कि उनके द्वारा लिए गए सिम से खुले खाते में गलत लेनदेन हुआ है।

मामला समझ पाते, इससे पहले 29 जून को वाट्सएप पर वीडियो काल कर एक व्यक्ति ने खुद को सीआइओ अधिकारी बताया। उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से बात न करने की हिदायत दी गई। कहा गया कि फोन कटते ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। इसके बाद साइबर अपराधियों ने कई बार में 26.70 लाख रुपये ठग लिए थे।