जागरण संवाददाता, आजमगढ़: जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कार्यालय कक्ष में जिला पर्यावरण समिति से संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस दौरान जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित कराए जाने एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन के संबंध में जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों के ईओ निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित करें कि कूड़े-कचरे का उठान डोर-टू-डोर हो। कूड़े कचरे को ढकी गाड़ियों से ही ट्रांसपोटेशन किया जाए। साथ ही सूखे और गीले का सेग्रेसन करने के बाद उसको डंपिग ग्राउंड तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाकर उपलब्ध कराएं। निर्देश दिए कि अस्पतालों से निकलने वाले जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट कूडे़-कचरों में मिलने न पाए। जिन अस्पतालों द्वारा जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट कूड़े-कचरों में फेंका जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने के लिए जमीन चिह्नित करने के लिए अपने संबंधित एसडीएम से संपर्क कर जगह का चिह्नाकन करें। कहा कि सीवर लाइन का पानी तालाब व पोखरों में किसी भी दशा में नहीं गिरना चाहिए और न ही सीवर लाइन का पानी वाटर सप्लाई में जाने पाए। कहा कि जो डंपिग ग्राउंड भर चुके हैं, उस पर पार्क बनाने की कार्ययोजना बनाकर उपलब्ध कराएं। इस अवसर पर डीएफओ अयोध्या प्रसाद, डीएसटीओ डा आरडी राम, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आरके सोनवानी, विकास प्राधिकरण के सचिव बाबू सिंह, डीआइओ एनआईसी रजनीश श्रीवास्तव, डीआइओ डा. जितेंद्र प्रताप सिंह थे।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस