जागरण संवाददाता, रानी की सराय (आजमगढ़) : स्थानीय कस्बा स्थित रुदरी मोड़ पर स्थापित की गई देव प्रतिमा को बुधवार की रात मनोरोगी युवक ने खंडित कर दिया। गुरुवार की सुबह प्रतिमा खंडित देख कस्बावासियों में रोष व्याप्त हो गया। घटनास्थल के पास ग्रामीणों ने गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर जाम कर दिया। जाम की सूचना पाकर मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों ने नई प्रतिमा की स्थापना के लिए 25 हजार की राशि प्रदान कर जाम समाप्त कराया। पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़ लिया है।

रानी की सराय कस्बे में रुदरी मोड़ पर काफी समय पूर्व देव प्रतिमा की स्थापना की गई है। सावन मास में क्षेत्र के लोग उक्त स्थान पर पूजा अर्चना करते हैं। बुधवार की रात रुदरी मोड़ के पास स्थित प्रतिमा को खंडित कर दिया गया। गुरुवार की सुबह प्रतिमा खंडित किए जाने की खबर कस्बे में फैली और काफी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने प्रतिमा स्थल के पास सुबह करीब पांच बजे मार्ग अवरुद्ध कर दिया। जाम की सूचना पाकर एडीएम प्रशासन, एसडीएम सदर, सीओ सिटी के साथ ही आसपास के थाना प्रभारी मयफोर्स मौके पर पहुंच गए। जाम का नेतृत्व कर रहे हैं लोग आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी तथा नई प्रतिमा की स्थापना की जिद पर अड़े रहे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली थी रात में प्रतिमा स्थल के पास घूम रहा मनोरोगी युवक कस्बे में विचरण कर रहा है। पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने प्रतिमा खंडित करने का जुर्म कबूल कर लिया। प्रशासन ने खंडित प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा की स्थापना के लिए 25 हजार की धनराशि मुहैया कराया। इसके बाद नई प्रतिमा को लेने के लिए स्थानीय लोग वाराणसी के लिए रवाना हो गए। तब जाकर सुबह करीब सात बजे जाम समाप्त हुआ। रानी की सराय कस्बे से आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। घटना के संबंध में स्थानीय कस्बा निवासी रामप्रसाद यादव की तहरीर पर पकड़े गए चंद्रकांत सरोज के खिलाफ रानी की सराय थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी गंभीरपुर थाना क्षेत्र के छाऊं गांव का निवासी बताया गया है।

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पूर्व में भी प्रतिमा खंडित कर चुका है आरोपी

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : प्रतिमा खंडित करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक को मनोरोगी बताने वाले प्रशासन के लोग निरुत्तर हो गए जब उसने फिल्म अभिनेता आमिर खान की प्रस्तुति पीके फिल्म पर सवालिया निशान खड़े करते हुए सवाल दागे। आरोपी चंद्रकांत सरोज का कहना है कि पीके फिल्म में फिल्म अभिनेता द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी पर तो कोई कुछ नहीं बोला तो फिर मेरे पर पाबंदी क्यों। आरोपी से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि इसके पूर्व वह सरायमीर क्षेत्र में भी प्रतिमा खंडित कर चुका है। पुलिस ने आरोपी के भाई को मौके पर बुलाया और पूछताछ के दौरान उसने बताया कि आरोपी के पिता का नाम शंकर था। उसकी मौत के बाद चंद्रकांत को यह बात हमेशा खलती थी कि शंकर नाम के उसके पिता द्वारा बच्चों की परवरिश के लिए कुछ भी नहीं किया गया। चंद्रकांत किसी युवती से प्रेम प्रसंग चलने के दौरान उसने प्रेमिका से शादी की इच्छा रखते हुए ईष्टदेव से मन्नत मांगी। सफलता न मिलने पर चंद्रकांत ईश्वर को अपना दुश्मन मान बैठा।

Edited By: Jagran

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