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13,903 मृत किसान ले रहे थे पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ, सत्‍यापन र‍िपोर्ट ने उजागर क‍िया करोड़ों का नुकसान

By Anil Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 13 Sep 2026 01:08 PM (IST)

आजमगढ़ में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन में 13,903 मृतक किसान लाभार्थी पाए गए हैं। अब इन मृतक ...और पढ़ें

आजमगढ़ में पीएम किसान सम्मान निधि के 13,903 मृतक लाभार्थी, वारिसों को लौटानी होगी राशि।

आजमगढ़ में पीएम किसान सम्मान निधि के 13,903 मृतक लाभार्थी, वारिसों को लौटानी होगी राशि।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। प्रधानमंत्री किसान निधि पाने वाले पात्र किसानों का सत्यापन कराया गया है। जिसमें एक सितंबर तक की रिपोर्ट में 13 हजार, 903 किसान मृतक मिले हैं। जिनकी सूची संबंधित तहसील व बैंकों को प्रेषित कर दी गई है। अब मृतक किसानों के वारिसों के नाम जमीन अंकित होने के बाद बैंकों से अब तक जारी योजना की राशि को वापस करना होगा।

उसके बाद ही उनका पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले पात्र किसान के रूप में पंजीकरण हो सकेगा। ऐसी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जिले में दो से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलेगा। उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि अभियान के अंतर्गत ई-केवाइसी, भू -अभिलेख अंकन, आधार अंकन का कार्य कराया जाएगा।

तहसीलों के माध्यम से किसानों की भूमि का खतौनी में दर्ज कराना, बैंकों के माध्यम से आधार सिडिंग का कार्य, राजकीय कृषि बीज भंडार या प्राविधिक सहायक(टीएसी) के माध्यम से ई-केवाइसी का कार्य कराया जाएगा। डीडी कृषि ने बताया कि जिले में आठ लाख, 27 हजार, 779 किसानों की फार्मर आइडी बनाने का लक्ष्य है। जिसके सापेक्ष आठ लाख, 255 किसानों की फार्मर आइडी बन चुकी है, जो लक्ष्य का 96.67 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि फार्मर आइडी बनवाने का प्रमुख उद्देश्य किसानों की डिजिटल पहचान को मजबूत करना और उन्हें विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक सरल एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। फार्मर रजिस्ट्री तैयार होने के बाद किसान को विभिन्न योजनाओं में अपनी जानकारी बार-बार उपलब्ध कराने की आवश्यकता कम होगी और उपलब्ध डिजिटल डेटा के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

फार्मर रजिस्ट्री में मुख्य रूप से ऐसे किसान पात्र होंगे,जिनका नाम संबंधित राजस्व,भूमि अभिलेखों में दर्ज है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किसान की पहचान एवं भूमि संबंधी विवरण का सत्यापन किया जाता है। आवश्यकतानुसार आधार, मोबाइल नंबर तथा भूमि संबंधी अभिलेखों की सहायता से विवरण का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जाती है।