अहरौला (आजमगढ़) : क्षेत्र के आलमपुर गांव में पशु तस्करी का विरोध करने पर दो पक्षों के बीच चली आ रही रंजिश ने शनिवार की रात ¨हसक रूप धारण कर लिया। दोनों पक्षों के एक-एक घरों को आग के हवाले कर दिया गया जबकि एक घर में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान मारपीट व पथराव में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घटना को लेकर गांव में तनाव व्याप्त है। ताज्जुब यह कि दोनों पक्ष पुलिस के समक्ष जाने से कतरा रहे हैं। मामला जो पशु तस्करी से संबंधित ठहरा।

बताते हैं कि गांव के कंकाली बस्ती निवासी एक पक्ष के लोग पशु तस्करी में लिप्त हैं जिसकी वजह से अक्सर बस्ती में पुलिस का आवागमन होता है और लोग पुलिस के कोपभाजन का शिकार होते हैं। शनिवार की शाम एक पक्ष के लोग पिकअप वाहन पर पशु लाद रहे थे जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। अपने काम में विरोध देख पशु तस्करी में लिप्त लोगों ने दूसरे गांव के भी लोगों को अपने पास बुलाया और रात करीब नौ बजे विरोध करने वाले पक्ष पर धावा बोल दिया। इस दौरान हसलोग पुत्र जैनुल के रिहायशी मड़ई को आग के हवाले कर दिया गया। पीड़ित परिवार घर छोड़कर फरार गया और घटना की सूचना पुलिस को दी। फायरब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंची लेकिन रास्ता संकरा होने के कारण गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी। इसी बीच दूसरे पक्ष के झोलई पुत्र इकोरी के भी रिहायशी आवास को आग के हवाले कर दिया गया। साथ ही गांव के शबनम पत्नी खुर्शीद के घर में जमकर तोड़फोड़ की गई। मारपीट की घटना में सितारुन (22), रूबीना (21), तवस्सुम (20), हाजरा (38), किताबु (17) व गुड्डू (22) घायल हो गए। स्थानीय स्तर पर घायलों का उपचार चल रहा है। घटना को लेकर गांव में तनाव व्याप्त है। घटना के दौरान सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन बस्ती के पुरुष सदस्य फरार हो चुके थे। इस मामले में दोनों पक्ष थाने में तहरीर देने से कतरा रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे को फंसाने के लिए स्वयं घरों को आग के हवाले किए हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि बीते एक सितंबर को भी दोनों पक्षों के बीच रंजिशन मारपीट हुई थी। उस दौरान भी चार लोग घायल हुए थे। पशु तस्करी में लिप्त होने के कारण दोनों पक्ष पुलिस के पास शिकायत करने से कतरा रहे हैं।