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सीएम योगी का आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ा तोहफा, मानदेय में की 4 हजार की बढ़ोतरी

Published: Tue, 08 Sep 2026 05:03 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 08 Sep 2026 05:04 PM (GMT+05:30)

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का 4 हजार से 6 हजार रुपये करने की घोषणा की।

HighLights

  1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से 12 हजार हुआ।

  2. सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार किया गया।

  3. आंगनबाड़ी केंद्रों व अयोध्या में हुए विकास की सराहना।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने अयोध्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का 4 हजार से 6 हजार रुपये करने की घोषणा की।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम के विजन के अनुरूप आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए चार प्रकार की योजनाएं लाएं हैं। पांच लाख की आयुष्मान योजना, साड़ी की संख्या बढ़ाने, रियल टाइम डाटा हो, टेक्नोलॉजी का उपयोग स्मार्ट फोन की सुविधा से आच्छादित आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट हैं।

आज से नौ वर्ष पहले केंद्रों की स्थिति क्या थीं, रेसिपी ईमानदारी से केंद्रों तक नहीं पहुंच पाती थी। बदनामी कार्यकर्ताओं की होती थी। बेईमानी तत्कालीन सरकार करती थी। रेसिपी संचालन एक शराब माफिया संचालित करता था। पहुंच ऐसी थी कि वह किसी भी व्यवस्था को प्रभावित करने का सामर्थ्य रखता था। सरकार व माफिया मिलकर व्यवस्थाओं को ध्वस्त करते थे और कटघरे में आंगनबाड़ी बहनें होती थीं।

द्वापर में यशोदा मैया ने कान्हा का लालन पोषण का काम किया वहीं काम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका में करती है। कल से पोषण माह प्रारंभ हो रहा है। वर्ष 2017 के पहले की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। पेयजल तक की व्यवस्था नहीं थी। केंद्र सरकार पैसा देती थी और राज्य की संवेदनहीन सरकार थी। अव्यवस्था का आलम किस हद तक था, 70 हजार से अधिक केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया है।

सपा ने प्रभु राम का विरोध किया: योगी

सभी केंद्रों को अपना भवन देने के निर्देश दिये। बचपन अगर सुरक्षित व स्वस्थ्य रहेगा तो स्वस्थ भारत व समर्थ भारत की संकल्पना को पूरा करेगा। इसका आधार आंगनबाड़ी केंद्र होंगे। प्रयासों की कड़ी को आगे बढ़ाए जा रहे। जैसे अयोध्या बदली वैसे आंगनबाड़ी केंद्र बदले।

10 वर्ष पहले अयोध्या में अराजकता का तांडव था, रामनगरी अव्यवस्थित थी। बमुश्किल तीन घंटे बिजली आती थी। एक सिडिकेंट का कब्जा बिजली पर था। अयोध्या को संवारने का कार्य जब शुरू किया तो समाजवादी पार्टी ने विरोध किया।

महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का विरोध सपा ने किया। प्रभु राम का विरोध किया। रामभक्तों पर गोली चलाई। न्यायालय में अपनी फौज भारत की सनातन आस्था के खिलाफ खड़ी की। इनके विरोध के बाद भी नहीं झुके, नहीं डिगे और सड़कें फोरलेन हो गई।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये हुआ मानदेय

इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण हो गया। सरयू का जल अब सड़ता नहीं है। देश की सोलर सिटी हो गयी। आंध्र प्रदेश गया था, वहां पूर्व राष्ट्रपति वैकैया नायडू के ट्रस्ट रजत कार्यक्रम में गया था। हर राम योगी जी जयश्री राम की आवाज आती थी। अयोध्या के विकास से सपा-कांग्रेस भौचक्के हैं। समाज को बांटने वालों से समाज जोड़ने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। प्राइमरी स्कूल की दुर्गति सब लोग जानते हैं। ऑपरेशन कायाकल्प व निपुण अभियान से पीएम श्री स्कूल मॉडल बने हैं।

15 लाख शिक्षामित्र व शिक्षक लाभांवित हुए। मात्र तीन हजार रुपये 17 में था। आठ हजार रुपये हमने किया। कोरोना काल खंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। एक लाख 28 हजार स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए गए। 204 स्थानों पर टेक होम राशन स्वयं सहायता समूहों से संचालित हो रहे हैं।

सीएम ने घोषणा की कि अब तक दो साड़ी अब तीन साड़ी मिलेगी। पांच लाख स्वास्थ्य बीमा कवर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व उनके परिवार को लाभ मिलेगा। सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये मानदेय व सहायिकाओं का चार हजार से छह हजार करने की घोषणा की। कहा कि ये बहनें भारत के भविष्य निर्माण को लेकर काम कर रही है।

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